प्राण-प्रतिष्ठा से एक नए युग की होगी शुरुआत : मोदी
राजर्षि की उपाधि धारक बोले, सनातन की स्थापना का होना है आगाज
अयोध्या, अमृत विचार। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से एक नए युग की शुरुआत होनी है। जिस तरह पूरे देश में राज्य स्थापित कर श्रीराम ने रामराज्य और सनातन की स्थापना की, उसी तरह प्राण-प्रतिष्ठा के बाद सनातन की स्थापना का आगाज होना है। देश-दुनिया की निगाह अयोध्या की ओर हैं। रामराज्य व सनातन की स्थापना के लिए धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के साथ पुरुषार्थ की जरूरत है। ये बातें रविवार को यहां राजर्षि की उपाधि धारक भूपेंद्र कुमार मोदी ने कहीं। उन्होंने कहा कि अयोध्या का इतिहास देश के इतिहास से जुड़ा है। 500 वर्षों तक चले राम मंदिर के संघर्ष के बाद जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का सपना साकार हो रहा है। विश्व हिन्दू परिषद का गठन देश और विश्व को सनातन बनाने के लिए हुआ था। राममंदिर इसका महत्वपूर्ण पड़ाव है।
अपने 75 वे जन्मदिवस पर अयोध्या के मणिरामदास छावनी स्थित मन्त्रार्थ मंडपम में आयोजित दो दिवसीय संत समागम और आशीर्वाद समारोह और सनातन राष्ट्र के संकल्प पर विचार-विमर्श कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सिंगापुर विश्व हिन्दू परिषद् के पूर्व अध्यक्ष रामपुर सोलर सिटी के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार मोदी रविवार को एक होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मक्का की तरह यहां भी कम से कम 5000 होटल होने चाहिए। इसके लिए उनका समूह भी निवेश करेगा। जिसके लिए प्रशासन और संबंधित विभागों से चर्चा की जाएगी। वर्तमान में अकेल अमेरिका में 60 फीसदी होटल भारतियों व सनातनियों के हैं। इनमें से काफी यहां आने को इच्छुक हैं।
ग्लोबल सिटीजन फोरम सिंगापुर के संस्थापक भूपेंद्र मोदी ने कहा कि शंकराचार्यों के आदेश और उनसे हासिल राजर्षि की उपाधि तथा माता के आज्ञा से वह विश्व के तमाम देशों में सनातन के प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। अयोध्या को विश्व की सबसे सुंदर नगरी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह, प्रबंधक नितिन शर्मा, आनंद साहू समेत अन्य मौजूद रहे।
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