रायबरेली: पिता की समाधि के बगल मां को दफनाने से पुलिस ने रोका, आठ घंटे तक चला हंगामा, पीड़ित ने लगाया यह आरोप
सलोन/रायबरेली। शव दफनाने को लेकर आठ घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। आरोप है कि पिता की समाधि स्थल के बगल मां की मिट्टी दफन करने को लेकर बेटी व दामाद को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। मामला दलित की जमीन से जुड़ा हुआ है। लगभग आठ घंटे तक शव का अंतिम संस्कार रुका रहा। पीड़ित के मुताबिक उसकी भूमिधरी जमीन पर भू माफियाओं ने फर्जी तरीके से हस्तक्षेप कर रखा है।
सलोन कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ऊंचाहार मार्ग स्थित तेरहंव निवासी पार्वती पत्नी स्वर्गीय बुद्धू की बीती रात लगभग दो बजे बीमारी के चलते मौत हो गई। घर के सामने वृद्ध महिला की भूमिधरी जमीन पर उसके स्वर्गवासी पति की समाधि स्थल बनी हुई है। बुधवार को दामाद बृजलाल व उसकी बेटी फूलकली अपनी भूमिधरी जमीन पर पिता की समाधि के बगल अंतिम संस्कार के लिए गड्ढा खुदवा रहे थे।

बताते है कि जमीन पर अवैध तरीके से काबिज लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस और राजस्व की टीम ने महिला का विवादित जमीन पर अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। अंतिम संस्कार की विधि रोकने से नाराज दलित समाज के सैकड़ों लोग प्रशासन की कार्यवाही से आक्रोशित हो उठे। लेखपाल बृजेश त्रिपाठी और सलोन कोतवाल श्याम कुमार पाल के मुताबिक पूर्व में उक्त जमीन को मृतका के पति बुद्धू व मृतका पार्वती द्वारा कुछ बैनामे व वरासत की गयी थी।
परिजनों ने बताया कि कुछ लोगों ने प्रशासन की आंख में धूल झोंककर जमीन को अपने नाम दर्ज करा ली है। जिसके लिये दीवानी न्यायालय व स्थानीय न्यायालय में वाद विचाराधीन है। इस संबंध में कोतवाल श्याम कुमार पाल व क्षेत्रीय लेखपाल ने संयुक्त रूप से बताया कि उक्त जमीन विवादित है। जिसके कारण शव को वहां दफनाने से मना किया गया है। और जमीन से संबंधित लोगों को जमीन के निस्तारण तक किसी तरह के निर्माण पर भी रोक लगाकर रखने का आदेश जारी किया गया है।
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