साहब मैं जिंदा हूं..., खुद को जीवित साबित करने के लिए दर-दर ठोकरें खा रहा बुजुर्ग
महराजगंज/रायबरेली, अमृत विचार। अधिकारियों की लापरवाही और सिस्टम के ताने बाने ने एक बुजुर्ग को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। इसका पता उसे तब चला जब वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। इसके बाद कर्मचारियों ने बताया कि तुम्हारी तो मौत हो चुकी।
इसके बाद से वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहा है। मामला क्षेत्र के कुशमहुरा ग्राम पंचायत के दुर्गापुर गांव का है। उक्त गांव के भगौती प्रसाद ने जिंदा होने की गुहार लगाते हुए वृद्धा पेंशन चालू कराने की मांग की है।
भगौती प्रसाद ने बताया कि उसे वृद्धा पेंशन मिल रही थी। एक वर्ष से ग्राम प्रधान रमेश मौर्य व पंचायत सचिव आदित्य कुमार ने रंजिशन पेंशन सत्यापन के दौरान अभिलेखों में हेराफेरी कर उसे मृतक दिखा दिया। जिससे उसे पेंशन मिलना बंद हो गई है। जबकि प्रार्थी पेंशन योजना का पात्र है। मात्र पेंशन ही उसके जीवन का सहारा है।
जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करते हुए लाभार्थी भगौती प्रसाद ने ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पर कार्रवाई करने व उसकी वृद्धा पेंशन बहाल किए जाने की गुहार लगाई है। मामले में उपजिलाधिकारी राजित राम गुप्ता ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से जांच कराकर पेंशन बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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