पीलीभीत: बाग कटान मामले में अब लपेटे में आए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, होगी कार्रवाई

Amrit Vichar Network
Published By Vikas Babu
On

 पीलीभीत,अमृत विचार: शहर में टनकपुर हाईवे के समीप पिछले माह हुए बाग कटान मामले की आंच में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी घिर गए।  जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा भूमि पर स्वामित्व जताने वाली महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। इस पर डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का सम्बद्धीकरण समाप्त करने, विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी है।

बता दें कि शहर में टनकपुर हाईवे से सटे इलाके में कॉलोनी विकसित करने को 18 दिसंबर 2023 की रात 48 आम के पेड़ों को कटवा दिया गया। अगने दिन मामला सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह के संज्ञान में आने पर जेई विनियमित क्षेत्र और राजस्व कर्मियों को मौके पर भेजकर कटान रुकवा दिया गया था।

कई बिंदुओं पर मामले की जांच कराई गई। कटान करने वाले सामाजिक वानिकी से 48 कलमी पेड़ों को काटने की अनुमति होने का हवाला दे रहे थे। सामाजिक वानिकी प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ संजीव कुमार द्वारा पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी। मामले ने तूल पकड़ा तो डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने संज्ञान लिया।

डीएम की सख्ती के बाद सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह और टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने तत्कालीन सामाजिक वानिकी डीएफओ संजीव कुमार, जिला उद्यान अधिकारी बाली शरण चौधरी और सहायक उद्यान निरीक्षक रामेश्वर दयाल के निलंबन की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी।

उसी दौरान डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रोहित सिंह को भूमि पर स्वामित्व जताने वाली महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने ये तर्क देते हुए कि अभिलेखों की पड़ताल करने के बाद भूमि वक्फ संपत्ति नहीं निकली है।

ऐसे में एफआईआर दर्ज नहीं कराई और वक्फ बोर्ड को पत्र भेजकर भूमि के संबंध में जानकारी मांगी थी। इधर अब तक एफआईआर न होने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रोहित सिंह का जिले से सम्बद्धीकरण समाप्त करने समेत विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।  डीएम ने बताया कि मामले की जांच कराई गई थी। कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन स्तर पर भेज दी गई है।

लखीमपुर खीरी में है मूल तैनाती
बता दें कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रोहित सिंह की मूल तैनाती लखीमपुर खीरी जिले में है। वर्तमान में उनके पास पीलीभीत जिले का भी चार्ज है। इधर शासन को रिपोर्ट भेजे जाने के बाद अब  बाग कटान मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर समाज कल्याण  विभाग के जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए शिकायत पत्र मुख्यमंत्री को भेजे हैं।

 पुलिस भी दे चुकी कटान पर रिपोर्ट
बता दें कि रातोंरात हुए कटान का मामला पकड़ा गया तो पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए थे। मामले में पूर्व में शिकायत कर चुके अखिलेश सक्सेना का कहना था कि कटान जिस रात को हुआ उसी दौरान पुलिस को भी सूचना दी गई थी कि लेकिन कोई पहुंचा नहीं।

इस पर प्रशासन की जांच से हटकर पुलिस अधिकारियों ने भी सिविल लाइन चौकी इंचार्ज से रिपोर्ट तलब की थी। जिसमें सिविल लाइन चौकी इंचार्ज भी बीते दिनों अपनी रिपोर्ट सीओ सिटी को दे चुके हैं। जिसमें कटान किए जाने की बात कही गई है।

यह भी पढ़ें- पीलीभीत: साढ़े तीन घंटे ठप रही पूरनपुर की सहकारी चीनी मिल, वेतन न मिलने से भड़के कर्मचारियों का हंगामा

संबंधित समाचार