अमेठी : सुरक्षा कर्मी के साथ हुई मारपीट, पुलिस जांच में फर्जी निकला मामला
एक और सुरक्षा कर्मी पाने के लिए गढ़ी गई थी मनगढ़ंत कहानी
अमेठी, अमृत विचार। सोमवार को दोपहर बाद फुरसतगंज थाना क्षेत्र अन्तर्गत निगोंहा के पास एक वीआईपी के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मी को दो काले कलर की स्कार्पियो पर सवार युवकों द्वारा मारपीट कर घायल करने की बात सामने आई थी। लेकिन मंगलवार को पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिसिया जांच में उक्त घटना को झूठा बता दिया। साथ ही आरक्षी को आई हुई चोटों को बताया कि मोटर साइकिल हादसे के दौरान यह सब चोटें आई है।
सोमवार को दोपहर बाद करीब दो बजे फुरसतगंज थाना क्षेत्र के नेशनल हाइवे पर निगोंहा के पास एक फार्च्यूनर गाड़ी पर सवार रूपेश भदौरिया निवासी बूड़ापुर थाना हरचंदपुर को सुल्तानपुर की जाते समय उनके गनर रणधीर चावड़ा के साथ दो काले रंग की स्कार्पियो सवार युवकों द्वारा मारपीट की घटना सामने आई थी। मारपीट की घटना गाड़ी हटाने को लेकर बताया जा रहा था। उस दौरान पता चला था कि विवाद बढ़ता देख रूपेश भदौरिया व उनके साथी सहित चालक को सुरक्षाकर्मी किसी तरह वहां से हटा दिया था, और हमलावरों से सुरक्षा कर्मी रणधीर चावड़ा अकेले लड़ रहा था। मारपीट में सुरक्षा कर्मी घायल हो गया था। रूपेश भदौरिया किसी तरह सुरक्षा कर्मी को घायल अवस्था में सीएचसी फुरसतगंज पहुंचाया था। गंभीर अवस्था देख डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षाकर्मी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले तो पुलिस मामले को दबाए रखा था।
लेकिन जब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट की घटना वायरल हुई तो सीओ तिलोई अजय कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षा कर्मी का इलाज अभी रायबरेली जिला अस्पताल में चल रहा है। सुरक्षा कर्मी से तहरीर लेकर उसी के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। लेकिन मंगलवार को पुलिस द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति ने घटना को ही खारिज कर दिया। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में लिखा गया है कि घटित घटना की जांच थानाध्यक्ष फुरसतगंज प्रभारी अमरेंद्र सिंह से कराई गई तो पता चला कि निगोंहा में सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट हुई ही नहीं। बल्कि पुलिसिया जांच में यह भी पाया कि जिस सुरक्षा कर्मी रणधीर चावड़ा को जो भी चोटें आई है वह सोमवार की सुबह ढकिया चौराहे पर मोटर साइकिल दुर्घटना के दौरान की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सुरक्षा कर्मी ने बयान दिया है कि घायल होने की सूचना रूपेश भदौरिया को दी थी, रूपेश भदौरिया एक और गनर पाने के लिए अपने सहयोगी पंकज तिवारी और चालक मोहित यादव के साथ मनगढ़ंत झूठी कहानी बनाते हुए फुरसतगंज थाना क्षेत्र में तथाकथित घटना का रूप दिया गया है। विज्ञप्ति में अमेठी पुलिस ने इसका भी जिक्र किया है कि आरक्षी के साथ कोई मारपीट हुई ही नहीं है। पुलिस द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति की हर ओर चर्चा हो रही है।
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