बरेली: सात साल पहले आबाद हुआ एड्रेस लॉ... टैक्स अब तक नहीं, नगर निगम के अफसरों की मेहरबानी, जीआईएस सर्वे की रिपोर्ट को भी कर दिया अनदेखा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार : नगर निगम की सीमा में आने वाले ग्रामीण इलाकों के लोगों को तो लाखों टैक्स के बिल भेजे जा रहे हैं लेकिन शहर के सबसे पॉश इलाके में स्थित एड्रेस लॉ अपार्टमेंट में रहने वाले डेढ़ सौ से ज्यादा परिवारों का हाउस टैक्स नगर निगम के अफसरों ने अपनी तरफ से माफ कर रखा है। कई साल पहले जीआईएस सर्वे में भी इस अपार्टमेंट में रहने वालों से टैक्स न मिलने का खुलासा होने के बावजूद अब तक उन्हें कोई बिल नहीं भेजा गया है।

सिविल लाइंस में प्रशासनिक अफसरों के आवासों के पास बने एड्रेस लॉ में डेढ़ सौ से दो सौ के बीच फ्लैट हैं। वर्ष 2017 में लोगों ने यहां रहना शुरू किया और दो साल के अंदर लगभग सभी फ्लैट आबाद हो गए। इनमें रहने वाले परिवार नगर निगम का पानी और सीवर लाइन का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन कोई टैक्स नहीं दे रहे हैं। नगर निगम के टैक्स विभाग ने तमाम साल गुजर जाने के बावजूद सबसे पॉश इलाके के इस अपार्टमेंट में रहने वालों पर टैक्स लागू करने की जरूरत महसूस नहीं की।

शहर में 2019-20 से जीआईएस सर्वे चल रहा है जिसमें टैक्स से छूटे भवनों का विवरण तैयार किया जा रहा है। सिविल लाइंस में यह सर्वे कई साल पहले हो चुका है, लेकिन फिर भी इस अपार्टमेंट में टैक्स के बिल नहीं भेजे गए। अंदेशा जताया जा रहा है कि शहर के दूसरे पॉश इलाकों में तमाम घरों पर टैक्स लागू नहीं किया गया है।

बोले- बिल तैयार हैं, जल्द भेज देंगे: अब कहा जा रहा है कि एड्रेस लॉ में रहने वालों के बिल तैयार हैं, जल्द ही बिल भेज दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि अपार्टमेंट में रहने वालों को तीन साल के बकाया का बिल भेजा जाएगा। उधर, उप नगर आयुक्त पूजा त्रिपाठी ने दावा किया कि टैक्स ही लागू नहीं हुआ, ऐसा नहीं हो सकता। टैक्स लगा होगा और बिल भी भेजे गए होंगे।

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