Kanpur News: जाजमऊ स्थित 36 एमएलडी एसटीपी पर लटकी तलवार... कंपनी बोली- 15 फरवरी से कर देंगे काम बंद...

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नगर निगम पर कंपनी का 24 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया

कानपुर, अमृत विचार। जाजमऊ स्थित 36 एमएलडी कामन इफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का संचालन 15 फरवरी से बंद हो सकता है। प्लांट का संचालन कर रही कंपनी गंगा इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. ने बकाया पैसा न मिलने पर संचालन बंद करने को कहा है। जिसके बाद जलनिगम ने नगर निगम से सीईटीपी के संचालन एवं अनुरक्षण कार्य को जारी रखने के लिये बकाया रुपये देने को कहा है। अगर सीईटीपी का संचालन बंद हुआ तो बड़ी मात्रा में अशोधित गंदा पानी सीधे गंगा में गिरेगा। 

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शहर में गंगा की हालत वैसे ही नाजुक है। नालों का सीवेज सीधे गंगा नदी में जाने की वजह से गंगा लगातार मैली हो रही है। एसटीपी और सीईटीपी का संचालन भी सुचारू न होने और प्लांट में समय-समय पर फॉल्ट होने की वजह से भी गंगा दूषित होती है। धन के अभाव की वजह से एक बार फिर सीईटीपी के संचालन पर मुसीबत खड़ी हो गई है। कंपनी की चेतावनी के बाद जलनिगम ने नगर निगम को पत्र लिखकर साफ कहा है कि बकाया धन न मिला तो संचालन बंद हो जायेगा। 

माघ मेले के तीन स्नान अभी बाकी

माघ मेले में अभी तीन स्नान बाकी हैं। इसमें 14 फरवरी को वसंत पंचमी, 24 को माघी पूर्णिमा और 8 मार्च को महाशिवरात्रि का स्नान है। ऐसे में अगर सीईटीपी का संचालन बंद हुआ तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
टेनरी स्वामियों और नगर निगम पर बकाया

जलनिगम के अधिशाषी अभियंता विशाल सिंह ने बताया कि दिसंबर 2023 तक टेनरी स्वामियों पर 17 करोड़ 36 लाख 65 हजार रुपये और नगर निगम पर 24 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। भुगतान समय पर नहीं होने से 36 एमएलडी सीईटीपी का संचालन सुचारू नहीं हो पा रहा है। अधिशाषी अभियंता ने नगर निगम को कहा है कि यदि प्लांट बंद हुआ और गंगा में गंदा पानी गया तो उसकी जिम्मेदारी नहीं होगी। 

सीवर व टेनरी का पानी होता शोधित

जाजमऊ में बने 36 एमएलडी सीईटीपी में नौ एमएलडी टेनरी का पानी और 27 एमएलडी सीवर का पानी शोधित होता है। धन अभाव के कारण केमिकल, बिजली और डीजल की कमी से प्लांट लगातार नहीं चल पा रहा है। इससे टेनरी का दूषित पानी सीधे गंगा में जा रहा है। जलनिगम के अधिशाषी अभियंता विशाल सिंह ने बताया कि प्लांट बंद न हो इसके लिये कम से कम 6 करोड़ रुपये तुरंत जारी किये जाएं।

बकाया की वजह से कंपनी ने सीईटीपी के संचालन को लेकर हाथ खड़े कर दिये हैं। नगर निगम को इसकी जानकारी दे दी है। - विशाल सिंह, अधिशाषी अभियंता, जलनिगम

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