Bareilly News: प्रधानमंत्री आवास योजना...10 फीसदी कमीशनखोरी में फंसी आशियाने की आस

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Edited By Amrit Vichar
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सिकलापुर लता और सीबीगंज की नसरीन की शिकायत के बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं

बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री आवास योजना में दलाल इस कदर हावी हैं कि आवास की आस लिए तमाम पात्र चक्कर लगाते रह जाते हैं। आशियाना चाहिए तो कुल राशि का करीब दस फीसदी देना जरूरी हो गया है। शिकायतों पर कार्रवाई होती है फिर भी दलालों के हौसले पस्त नहीं हो रहे हैं। सीबीगंज की नसरीन का आवास के लिए आवेदन गौर करने लायक भी नहीं समझा गया तो उसे तहसील दिवस में अर्जी लगानी पड़ी। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिकलापुर की महिला ने शिकायत की तो उससे लिए गए पैसे दलालों ने वापस कर दिए। व्यवस्था ऐसे ही डांवाडोल घिसट रही है।

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पिछले साल जनवरी में सिकलापुर में प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन करने वाली सात महिलाओं को डूडा की टीम ने अपात्र करार दिया था। अमृत विचार ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। स्थानीय निवासी जयप्रकाश राजपूत ने शिकायत नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स से की तो उन्होंने मामले की जांच करवाई। उस समय डूडा का चार्ज अपर नगर आयुक्त के पास था। जांच में सिकलापुर की वे सभी आवेदक पात्र पाई गईं। 

पात्रता की श्रेणी में आने के बाद डूडा और सर्वे करने संस्था के कर्मचारी सक्रिय हो गए। आवास की पहली किस्त आई तो पात्रों से रुपये ऐंठ लिए। मई में जयप्रकाश राजपूत पार्षद बन गए। उन्होंने महिलाओं से अवैध वसूली की शिकायत लिखकर देने को कहा तो कुछ महिलाओं ने लिख कर दे दिया। पार्षद जयप्रकाश ने 18 दिसंबर 2023 को नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स से लिखित शिकायत करते हुए उन महिलाओं के भी पत्र लगाए और दलालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

शिकायत के बाद लौटाया पैसा
सिकलापुर की कुसुम और लता ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री आवास के लिए उनसे 10-10 हजार रुपये लेने की बात कही थी। पत्र में पैसे ले जाने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी लिखा था। शनिवार को उन महिलाओं से बात की तो कुसुम ने गोलमोल जवाब दिया कि उनका आवास बन रहा है, जो शिकायत की थी वह हल हो गई है। वहीं लता ने बताया कि उनसे जो लोग पैसे ले गये थे वे कुछ दिन पहले वापस कर गये हैं।

भीख मांगकर गुजारा करते हैं फिर भी पात्र नहीं
सीबीगंज में खना गौंटिया की रहने वाली नसरीन की प्रधानमंत्री आवास के तहत डूडा में जमा की गई फाइल आगे नहीं बढ़ी तो तीन फरवरी को तहसील दिवस में शिकायत की थी। शिकायती पत्र में लिखा था कि डूडा कर्मियों ने फाइल को जमा करने से ही इन्कार कर दिया। नसरीन ने बताया कि उसके पति दिव्यांग हैं और भीख मांगकर गुजारा करते हैं। इस शिकायत का निदान अभी तक नहीं किया गया है। एपीओ ने बताया कि वह अवकाश पर हैं इसलिए मामले की जानकारी नहीं है।

यह है पात्रता की शर्त

  • प्रधानमंत्री आवास के लिए के लिए व्यक्ति के नाम मकान नहीं होना चाहिए ।
  • वार्षिक आय तीन लाख से कम होनी चाहिए।
  • मकान के लिए आवेदक के पास अपनी जगह होनी चाहिए ।

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