देहरादून: STF ने बरामद की सबसे बड़ी फर्जी सिम कार्डों की खेप

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Edited By Amrit Vichar
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दिल्ली से गिरफ्तार किए गए अभियुक्त ने फर्जी कंपनियों के नाम से लिए थे करीब 1 लाख 95 हजार रुपये के सिमकार्ड 

देहरादून, अमृत विचार। एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने बुधवार को फर्जी सिम कार्डों की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी की है। दिल्ली से गिरफ्तार किए गए अभियुक्त से हजारों की संख्या में फर्जी कंपनियों के नाम से लिए गए करीब 1 लाख  95 हजार रुपये के सिमकार्ड बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त शिकायतकर्ता से अब तक 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर चुका है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि कुछ दिन पूर्व एक मामला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था, जिसमें देहरादून निवासी शिकायतकर्ता फेसबुक माध्यम से एक वाट्सएप ग्रुप टी रोवे प्राइस स्टॉक पुल अप ग्रुप- ए82 में जुड़ा, जहां स्टॉक ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी जा रही थी।

इसके बाद अज्ञात व्यक्तियों ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया व खुद को इंदिरा सिक्योरिटीज कंपनी से जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने ट्रेडिंग के लिए शिकायतकर्ता का खाता खुलवाया व एक अन्य वाट्सएप ग्रुप इंदिरा कस्टूमर केयर- ए303 में उन्हें जोड़कर एप डाउनलोड करने के लिए लिंक भेजा, जहां स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करके लाभ कमाने के नाम पर शिकायतकर्ता से अलग-अलग तरीखों में लेन देन के माध्यम से कुल 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। 

इस शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु.अ.सं. 11/24 धारा 420, 120बी भादवि व 66 (डी) आईटी एक्ट बनाम अज्ञात का अभियोग पंजीकृत किया गया। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए व इसका पर्दाफाश करने के लिए पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसकी विवेचना साइबर थाने के निरीक्षक विकास भारद्वाज के सुपुर्द की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि उपरोक्त अभियोग की विवेचना के बाद जानकारी मिली कि जिन मोबाइल नंबरों से वादी को वाट्सएप कॉल की गई थीं, वह जेनो टेक्नोलॉजी के नाम से मुदस्सिर मिर्जा पुत्र जुबैर मिर्जा निवासी तुर्कमान गेट, चांदनी महल दिल्ली ने लिए थे। उसकी तलाश में एसटीएफ की एक टीम को दिल्ली भेजा गया तो स्थानीय स्तर पर जानकारी एकत्रित करने के बाद उक्त मुदस्सिर मिर्जा को थाना चांदनी महल, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया व उसके कब्जे से लगभग 3 हजार सिम बरामद किए गए। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त मुदस्सिर मिर्जा ने पूछताछ में बताया कि उसने कॉरपोरेट आईडी के नाम पर हजारों की संख्या में एम2एम सिम कार्ड्स जारी कराए हैं, जिनका प्रयोग वह वाट्सएप पर अपने बिजनेस की मार्केटिंग करने के लिए करता था। इसके लिए उसने बोरीवली, मुंबई में एक ऑफिस किराए पर ले रखा था।

उसने अपनी कॉरपोरेट आईडी पर अलग-अलग समय पर एयरटेल से कुल 29 हजार, वोडाफोन-आईडिया के 16 हजार सिम कार्ड खरीदे थे, जिन्हें उसने अपने एजेंटों को बांट रखे थे। अभियुक्त के पास वर्तमान में लगभग 3 हजार एयरटेल के सिम कार्ड बचे हुए थे, जिन्हें पुलिस टीम ने बरामद कर लिया है। उन्होंने कहा कि पकड़े गए अभियुक्त ने कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिन पर त्वरित कार्यवाही के लिए एसटीएफ की टीमों को विभिन्न स्थानों पर रवाना कर दिया गया है।

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