मुरादाबाद: कोयले की कालिख से निकालेगा नगर निगम का ‘आरडीएफ’
मुरादाबाद,अमृत विचार। महानगर की चमक और शान कहे जाने वाले पीतल श्रमिकों की अच्छी सेहत के लिए नगर निगम एक बड़ा प्रोजेक्ट लांच करने वाला है। इन श्रमिकों को कोयले की कालिख से निकालने के लिए निगम आरडीएफ तैयार कर रहा है। जो यह ईंधन तैयार किया जा रहा है, वह कोयले की तरह श्रमिकों …
मुरादाबाद,अमृत विचार। महानगर की चमक और शान कहे जाने वाले पीतल श्रमिकों की अच्छी सेहत के लिए नगर निगम एक बड़ा प्रोजेक्ट लांच करने वाला है। इन श्रमिकों को कोयले की कालिख से निकालने के लिए निगम आरडीएफ तैयार कर रहा है। जो यह ईंधन तैयार किया जा रहा है, वह कोयले की तरह श्रमिकों की सेहत को दुश्मन नहीं होगा। बल्कि तेज आग देने में कुशल यह ईंधन श्रमिकों की सेहत के लिए भी लाभकारी होगा। इसी साल इस प्रोजेक्ट पर काम धरातल पर भी लाने का दावा किया जा रहा है।
ट्रंचिंग ग्राउंड में तैयार होने वाली आरडीएफ शहर के कचरे से तैयार की जाएगी। बताया गया कि सूखा कचरा इसमें इस्तेमाल किया जाएगा। महानगर के 70 वार्डों से प्रतिदिन 400 मीट्रिक टन कचरा साफ किया जाता है। यह कचरा नगर निगम के वाहनों के जरिए उसे ट्रंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाता है। इस कचरे को मशीन में डालकर उससे कचरा अलग अलग किया जाएगा। उसके बाद आरडीएफ तैयार किए जाने वाला कचरा अलग किया जाएगा।
उसको दूसरी मशीन में डालकर इस ईंधन के लिए तैयार किया जाएगा। जो आरडीएफ तैयार होगा, उसको मार्केट में कैसे पहुंचाया जाए, इसको लेकर भी निगम ने बड़ी तैयार की हुई है। मार्केटिंग टीम के जरिए पीतल कारोबारियों से डील की जाएगी। आरडीएफ ईंधन की खासियत को बताया जाएगा। इससे श्रमिकों की सेहत क्या लाभ मिलेगा, इसपर बारीकियों के साथ चर्चा की जाएगी। निगम अफसरों को भरोसा है कि आरडीएफ के जरिए श्रमिकों की सेहत से कोयले की कालिख तो खत्म होगी ही, साथ ही निगम की आमदनी भी बढ़ सकेगी।
15 अक्टूबर को दो ड्रायल होंगे चालू
ट्रंचिंग ग्राउंड में चार ड्रायल तैयार हैं। इसमें दो ड्रायल जल्द ही चालू कर दिए जाएंगे। निगम का दावा है कि 15 अक्टूबर को ये दोनों ड्रायल चालू कर दिए जाएंगे।
बालकनी के गमलों में हरियाली बढ़ाएगी खाद
महानगर में फ्लैट का चलन तेजी के साथ बढ़ रहा है। इन फ्लैटों में हरियाली को लेकर बालकनी में गमले और फुलवारी नजर आती है। जो घर बने हैं, उनमें कम जगह होने के कारण क्यारियां नहीं होती। वहां भी ये गमले ही घर को फूलों से महकाते हैं। इन गमलों तक नगर निगम की खाद पहुंच सके, इसको लेकर प्रदेश का पहला कंपोज्ड पार्लर तैयार किया जाएगा। खाद को पैकेट में बंद कर उसकी मार्केटिंग कर घरों के गमलों तक पहुंचाने की योजना है।
नगर आयुक्त संजय चौहान ने बताया कि ट्रंचिंग ग्राउंड की सूरत पूरी तरह से बदल दी गई है। मशीने जो अब तक थमी थी, उनकी गड़गड़ाहट 15 अक्टूबर से सुनाई देगी। आरडीएफ और कंपोज्ड पार्लर तैयार करने की योजना है। इससे पीतल श्रमिकों व लोगों को लाभ मिलेगा और निगम की आमदनी भी बढ़ सकेगी।
