लखनऊ : अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर बीमारी से बचाव की तैयारी, AI से हार्ट फेलियर और संक्रमण से होगा बचाव
लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में शरीर में होने वाले संक्रमण और दिल की बीमारी से बचाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जा रहा है। जिससे शरीर में होने वाले संक्रमण और हार्ट फेलियर की जानकारी पहले हो सके। बीमारी से पहले उसकी जानकारी होने पर बचाव का तरीका डॉक्टर खोज सकेंगे। इसके लिए खाका तैयार किया जा चुका है। दिल की बीमारियों पर कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो.ऋषि सेठी ने काम भी शुरू कर दिया है।
दरअसल, किसी बीमारी के इलाज से बेहतर उसका बचाव है। इसके चलते एआई की मदद से बीमारी की जानकरी पहले पता करने की कवायद शुरू हुई है। केजीएमयू के डॉक्टरों ने हैदराबाद स्थित अपोलो के चीफ क्लीनिकल इन्फारमेशन अधिकारी डॉ. सुजाय कार के साथ काम शुरू किया है। डॉ. सुजाय कार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर लंबे समय से काम कर रहे हैं। वह बीते दिनों प्रिसिजन मेडिसिन और इंटेंसिव केयर कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने लखनऊ भी आये थे। इसी दौरान एआई की मदद से बीमारियों की जानकारी करने की दिशा में काम करने पर विचार बना था।
क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के एचओडी प्रो.अविनाश अग्रवाल ने बताया है कि डॉ. सुजायकार और प्रो.ऋषि सेठी मिलकर इस विषय पर काम कर रहे हैं। जिससे कि पता लगा पायें कि मरीज को हार्ट फेलियर होगा या नहीं। सटीक जानकारी मिलने पर बचाव के तरीके को खोजा जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि मरीजों में संक्रमण होने की संभावना पर भी काम किया जायेगा। इसमें इमरजेंसी में आने वाले मरीजों में एआई की मदद ली जायेगी। जिससे उनमें संक्रमण की संभावना का पता चल सके। संक्रमण की संभावना मरीज में कितनी है, इस बात की जानकारी होने पर उसका समय रहते बचाव कर सकेंगे। जिससे मरीज को संक्रमण से बचाया जा सकेगा।
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