Rampur: सिलईबड़ा गांव की घटना को दबाने का प्रयास कर रही सरकार- नूरबानो
रामपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की और से घटना को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल पूर्व सांसद बेगम नूरबानो के नेतृत्व में मिलक के सिलईबड़ा गांव पहुंचा। पूर्व सांसद ने कहा कि सिलईबड़ा गांव की घटना को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी भी इस मामले में सक्रिय हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने फोन पर मृत सोमेश के पिता गेंदन लाल से बात की।
कांग्रेसी गुरुवार की दोपहर सिलईबड़ा गांव पहुंचे और घटना के लिए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर हमला किया। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
कांग्रेसियों ने कहा कि सुमेश ने दिखाया कि अगर डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान को हटाने की कोशिश की गई तो लाखों सुमेश पैदा होंगे। अपनी जान दे देंगे लेकिन संविधान पर कोई आंच नहीं आने देंगे। भाजपा का रामराज्य पिछड़े, दलित, महिला, आदिवासियों के लिए मनुराज है। सिलईबड़ा गांव में कुछ अधिकारी पुलिस बल व दबंगों के साथ पहुंचे थे। दलित छात्र सुमेश कुमार की हत्या कर दी गई। उसकी गलती यही थी कि गड्ढे को पाटकर बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर का बोर्ड लगाना चाह रहे थे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में दलितों और पिछड़ों पर इस तरह से निरंतर अत्याचार हो रहा हैं। कहा जब तक सुमेश को न्याय नहीं मिलता, हम सुमेश की लड़ाई लड़ेंगे। प्रियंका गांधी इस संबंध में लगातार सक्रिय हैं। वह दलितों के साथ खड़ी हैं।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद बेगम नूरबानो, पूर्व विधायक अफरोज अली खान, शहर अध्यक्ष नोमान खान, विनोद गुंबर,युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष आरिफ अल्वी,ताहिर अंजुम, मोहम्मद अहमद,लल्लन खान ठेकेदार,जिवेन्द्र गंगवार,फैजान अल्वी, महेंद्र यदुवंशी, आमिर कुरैशी, शकील मंसूरी, वासिक अली, अजीव सिंह आदि मौजूद रहे।
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