Budaun: प्वाइंट बनाकर छोड़े, अधर में लटका फायर यूनिट का काम
बदायूं, अमृत विचार। जिला अस्पताल में आग की घटनाओं पर नियंत्रण पाने को फायर सिस्टम लगाया गया। करीब एक साल पहले शुरू हुए इस कार्य को बीच में ही बंद कर दिया गया जिससे अस्पताल में आग की घटना पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका। बुधवार की शाम को लगी आग में 6 एम्बुलेंस जल कर राख हो गईं। जब तक दमकल मशीन मौके पर पहुंची तब तक कबाड़ खड़ी एम्बुलेंस राख में तब्दील हो चुकी थीं।
जिला अस्पताल में आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण पाने को एक साल पहले फायर सिस्टम लगाया गया। संस्था के कर्मचारियों ने अस्पताल में फायर यूनिट रूम बना कर उसमें मशीन भी लगा दीं। उसके बाद जगह जगह प्वाइंट बनाए गए जिनसे फायर सिस्टम को चालू किया जा सके। कुछ स्थानों पर पाइप लाइन लगा दी गई। कहीं पर कनेक्शन देकर आधा अधूरा छोड़ दिया गया। करीब दर्जन भर स्थानों पर प्वाइंट बना कर काम बंद कर दिया गया।
अस्पताल प्रशासन ने काम करने वाली संस्था से जल्द काम पूरा करने को कहा तो कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते संस्था ने काम करने से इन्कार कर दिया। अब चार महीने से काम बंद है ऐसे में आग की घटनाओं पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। बुधवार की शाम को अस्पताल में लगी आग पर करीब एक घंटे बाद काबू पाया जा सका। आग लगने पर फायर सिस्टम की ओर लोग बार बार देखते रहे, लोगों का कहना था कि यदि फायर सिस्टम ठीक होता तो आग पर त्वरित काबू पा लिया जाता, इतनी बड़ी क्षति नहीं होती।
जिला अस्पताल में अब फायर यूनिट को सबसे पहले चालू कराया जाएगा। उसके सभी प्वाइंट ठीक करा कर मशीन को किसी भी तरह चालू कराया जाएगा जिससे इस तरह की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण लगाया जा सके।-डॉ. कप्तान सिंह- सीएमएस
एंबुलेंस में आग का कारण तलाशेगा महकमा
जिला अस्पताल में बुधवार की शाम को लगी आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहां किसने आग फेंकी या फिर किसी ने जलती हुई बीड़ी सिगरेट डाल दी जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
जिला अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र के निकट कबाड़ एम्बुलेंस खड़ी हैं। कई सालों से यह एम्बुलेंस यहां पर डाल दी गई हैं। बुधवार की शाम को किसी तरह यहां पर आग लग गयी। यहां पर नीम का एक पेड़ भी है जो काफी पुराना है। नीम के पेड़ के पत्ते यहां पर ढेर के हिसाब से पड़े हैं। किसी तरह इन्ही पत्तों में आग लगी जो बाद में एम्बुलेंस तक पहुंच गयी। दोपहर दो बजे नशा मुक्ति केंद्र बंद हो जाता है।
नशा मुक्ति केंद्र बंद हो जाने के बाद इधर कोई कर्मचारी नहीं रहता है। आग लगने पर किसी ने नहीं देखा जब आग ने विकराल रूप धारण कर लिया तो चीख पुकार मची और फिर आग बुझाने में एक घंटे से अधिक समय लग गया। तब तक सभी एम्बुलेंस राख में बदल चुकी थी। सीएमएस डा. कप्तान सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है । कुछ लोगों से पूछताछ की गयी है अभी कुछ अन्य तथ्यों पर काम किया जा रहा है। उस दिन उधर कौन गया। उसने क्या किया इसकी जांच पड़ताल की जा रही है। जल्द ही तथ्य सामने आ जाएंगे।
ये भी पढे़ं- बदायूं: दुकान से लाखों के आभूषण चोरी, व्यापारी परेशानी...पुलिस नाकाम, जानिए मामला
