Bareilly News: पऊनगला के तालाब की खोदाई शुरू, एक गाय का शव निकाला बाहर
बरेली/फरीदपुर, अमृत विचार। फरीदपुर के पऊनगलाम में जलकुंभी और बेल से जकड़े तालाब की रविवार सुबह खोदाई शुरू हो गई। तालाब में फंसकर गायों के मरने और शवों के सड़ने की खबर छपने के बाद रविवार को भुता ब्लॉक से लेकर बरेली तक अधिकारियों में खलबली मच गई।
शासन के संज्ञान में आने से पहले ही ब्लॉक के अफसरों ने जेसीबी के साथ टीम भेजकर तालाब की सफाई कराने के लिए खोदाई करानी शुरू करा दी है। दिनभर की खोदाई के बाद एक गाय के शव को बाहर निकालकर दफनाया गया। अन्य गायों के शवों की तलाश की जा रही है।
आबादी के बीच में तालाब होने की वजह से उसके पानी को अभी अधिकारी सुखा नहीं सकते हैं। तालाब किनारे खेतों में गेहूं की फसलें खड़ी है। फसल कटने के बाद गांव के घरों का पानी तालाब में जाने से रोकते हुए खेतों में छोड़ने की कार्ययोजना बनाकर तालाब की पूर्णरूप से सफाई कराने पर चर्चा की गई।
सोमवार से ब्लॉक की टीम जलकुंभी और अन्य खरपतवार को सुखाने के लिए केमिकल वाली दवा का छिड़काव करेंगे। इसके साथ ही अधिकारी ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनसे वार्ता करेंगे और तालाब की सफाई के लिए बड़े प्रोजेक्ट की कार्ययोजना बनाएंगे।
शनिवार को ग्राम पऊनगला के तालाब से गायों के शवों के सड़ने पर तेज दुर्गंध आनी शुरू हुई तो आसपास के रहने वालों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। तमाम महिलाएं तालाब के पास एकत्र हुई तो देखा कि कई गायों के शव तालाब में उतरा रहे थे और कौवे शव नोच रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि जनवरी में कुछ लोगों ने गोवंशीय पशुओं के झुंड को दौड़ा दिया था। उनमें से कुछ गाय तालाब में पहुंच गईं और जलकुंभी में फंसने से बाहर नहीं निकल सकीं और डूबकर उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों की समस्या को अमृत विचार ने रविवार के संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए। मामले में खंड विकास अधिकारी ने बताया कि केमिकल दवा का स्प्रे कराकर जलकुंभी और अन्य खरपतवार को सुखाया जाएगा।
ग्रामीण बोले- खबर छपने पर अफसर सक्रिय हुए
अधिकारियों ने मामले पर सतर्कता दिखाते हुए तत्काल जेसीबी बुलाकर गाय के शव को बाहर निकालकर दफनाया है। तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी है । जल्द ही तालाब की तस्वीर बदली नजर आएगी।-डीपी गौतम
अमृत विचार ने मामले को प्रमुखता से उठाया, जिस पर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए ग्रामवासियों के हित में सफाई व्यवस्था शुरू करा दी है।-प्रेमपाल सिंह
सूखने के बाद जलकुंभी और खरपतवार को तालाब से खींचकर बाहर निकलवाया जाएगा। जब गेहूं की कटाई होने के बाद खेत खाली हो जाएंगे, उसके बाद तालाब से पानी निकलवा कर बिल्कुल सफाई कराई जाएगी।-विनय शंकर मनी, खंड विकास अधिकारी भुता
