प्रतापगढ़: एसटीएफ की हिरासत में आरोपी की मौत, परिजनों ने लगाया Murder का आरोप
बेटी ने पुलिस प्रताड़ना से हत्या का लगाया आरोप,जांच में जुटी पुलिस
प्रतापगढ़, अमृत विचार। एसटीएफ की हिरासत में एक मामले में आरोपी युवक की मौत हो गई। पुलिस मौत की वजह हार्ट अटैक बता रही है, जबकि परिवार के लोग मारपीट और पुलिस प्रताड़ना में हत्या का आरोप लगा रहे हैं। बेटी ने सांगीपुर थाने में हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है।
सांगीपुर के लखहरा निवासी अजय प्रताप सिंह उर्फ शक्ति (45) पुत्र राजनाथ सिंह की एसटीएफ की हिरासत में मौत हो गई। उनके परिजनों के अनुसार अजय यहां गांव में अपना पोल्ट्री फार्म चलाता था। पुलिस के अनुसार वह मादक पदार्थ की तस्करी का आरोपी भी था। लखनऊ के गोमती नगर कोतवाली में उसके खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी के आरोप का मुकदमा दर्ज है, जिसमें वह वांछित था। रविवार दोपहर एसटीएफ की लखनऊ यूनिट उसके घर पहुंची और गिरफ्तार करके उसे ले जा रही थी। लालगंज में उसकी तबियत खराब होने पर शाम करीब पांच बजे एसटीएफ उसे इलाज के लिए ट्रामा सेंटर लालगंज ले गई। चिकित्सक सुधाकर के अनुसार मरीज अजय के सीने में दर्द व हाई बीपी की समस्या से स्थिति गंभीर थी, उसे रेफर कर दिया गया। मेडिकल कालेज से सम्बद्ध राजा प्रताप बहादुर अस्पताल पहुंचने पर अजय की मौत हो गई। एसटीएफ अस्पताल में शव छोड़कर सूचना देकर चली गई। दूसरी ओर मौत की जानकारी घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई।

परिजनों व ग्रामीणों का आरोप है कि दोपहर में एसटीएफ घर से गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ करते मारपीट करने लगी। इस पर घर के लोगों ने इलाज के पर्चे दिखाते हुए बताया कि यह हार्ट का मरीज है इस तरह का व्यवहार न करिए। एसटीएफ जबरन गाड़ी में बैठाकर लेकर चली गई। बेटी जान्हवी ने एसओ सांगीपुर को तहरीर देकर आरोप लगाया कि पुलिस की प्रताड़ना से हत्या हुई है। लालगंज सीओ राम सूरत सोनकर के अनुसार मृतक मादक पदार्थ तस्करी के केस में वांछित था और हार्ट का मरीज था। एम्स में उसका उपचार चल रहा था। उसे टीम ने रविवार को पकड़ा था। हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। घटना की जांच को एएसपी पश्चिमी संजय राय भी देर शाम सांगीपुर थाने पहुंचे। मामले में पूछताछ की।

बोली बेटी-दिखाती रही दवा का पर्चा नहीं पसीजा दिल..
मृतक अजय की बड़ी बेटी जान्हवी सिंह का आरोप है कि सिविल ड्रेस में महिला के साथ कुछ लोग आए। स्वयं को एसटीएफ बताते हुए बाउंड्री वॉल कूदकर घर के अंदर घुसे और पापा को पकड़ लिया। पापा का मेडिकल पर्चा और दवाइयां भी दिखाया, लेकिन दिल नहीं पसीजा। तीन घंटे बाद पता चला कि पापा नहीं रहे। मृतक अजय के चार बेटियां हैं, तीन बेटियां दिल्ली में रहकर पढ़ाई करती हैं।
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