ईस्टर की प्रार्थना सभा में शामिल हुए पोप फ्रांसिस, 10 मिनट का धर्मोपदेश दिया 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रोम। पोप फ्रांसिस ने ईस्टर से एक दिन पहले शनिवार रात को प्रार्थना सभा की अध्यक्षता करते हुए 10 मिनट का धर्मोपदेश दिया और आठ लोगों को चर्च की सदस्यता (बपतिस्मा) दिलायी। इससे एक दिन पहले वह स्वास्थ्य संबंधी एहतियात बरतते हुए रोम के एक बड़े कलागृह में निकाले गए गुड फ्राइडे के पारंपरिक जुलूस में शामिल नहीं हुए थे। फ्रांसिस अपनी व्हीलचेयर से सेंट पीटर्स बासिल्का पहुंचे, एक कुर्सी पर अपना स्थान ग्रहण किया और प्रार्थना शुरू की।

करीब एक घंटे बाद उन्होंने तेज आवाज में 10 मिनट का धर्मोपदेश दिया। यह प्रार्थना सभा ईसा मसीह के पुनर्जन्म के जश्न में आयोजित की जाती है। वेटिकन ने कहा था कि पोप फ्रांसिस गुड फ्राइडे के अवसर पर ‘वे ऑफ क्रॉस’ जुलूस में शामिल नहीं हुए ताकि वह शनिवार की प्रार्थना और ‘ईस्टर संडे’ को होने वाली सभा के लिए स्वस्थ रह सकें।

वेटिकन ने बताया कि 87 वर्षीय पोप फ्रांसिस फ्लू, ब्रोंकाइटिस या सर्दी से जूझ रहे हैं। पिछले कई हफ्तों से वह अक्सर अपने एक सहायक को उनके भाषण को जोर से पढ़ने के लिए कहते हैं। पोप ने अपने उपदेश में उस पत्थर का जिक्र किया जिसे ईसा मसीह की मौत के बाद उनके मकबरे से हटा दिया गया था। उन्होंने कैथोलिक समुदाय के लोगों से अपनी जिंदगियों में उन पत्थरों को हटाने का अनुरोध किया जो हमारे दिल के दरवाजों को अवरुद्ध करते हैं, उम्मीद को खत्म करते हैं और हमें हमारे डर एवं पछतावे की कब्र में कैद कर देते हैं।

ये भी पढ़ें : इंडोनेशियाई सैन्य परिसर में विस्फोट, 130 परिवारों को निकाला गया 

संबंधित समाचार