Bareilly News: रोडवेज बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं ही नहीं...जिसमें मिली, वो भी निकली एक्सपायर
बरेली, अमृत विचार। अधिकांश रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं नहीं हैं। किसी बस में किट है तो उसमें रखी दवाओं की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। ऐसे में सफर के दौरान किसी यात्री को चोट लग जाए तो जरूरी दवाएं नहीं मिलेंगी।
कोरोना काल के समय बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में दवा, मरहम और पट्टी रखी गई थी। उसके बाद अधिकारियों ने बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स को चेक करना जरूरी नहीं समझा है। पुराने बस अड्डे पर बरेली डिपो की बस यूपी 38 टी 9718 में फर्स्ट एड बॉक्स में पट्टी रखी थी लेकिन दवा नहीं थी।
यात्रियों ने बताया कि बॉक्स में दवा रोडवेज के अधिकारियों को रखना चाहिए। रास्ते में किसी भी यात्री को इसकी जरूरत पड़ सकती है। यूपी 25 बीटी 1992 बस में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं लगा था। परिचालक ने बताया कि इसकी शिकायत वर्कशाप में की जा चुकी है। अधिकारी और फोरमैन जल्द बस में फर्स्ट एड बॉक्स लगवाने की बात कह रहे हैं।
यूपी 25 डीटी 0908 बस में भी दवा संबंधी कोई किट नहीं थी। बॉक्स के स्थान पर पानी की बोतल थी। वहीं शिकायत पेटिका में लगे ताले पर काई जम गई थी। हालांकि, नई बसों में पिछले दिनों आवंटित हुई किट मिली।
बसों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फर्स्ट एड बॉक्स किट है। अगर किसी में दवा एक्सपायर हो चुकी है तो उसे चेक कराया जाएगा। जिन बसों में किट नहीं है, उसमें भी किट की व्यवस्था की जाएगी।-धनजी राम, सेवा प्रबंधक, बरेली रीजन।
