हल्द्वानी: विदेश में पढ़े 10 डॉक्टर एसटीएच में करेंगे उपचार

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी , अमृत विचार। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। विदेश से पढ़कर आए डॉक्टर भी अस्पताल में मरीजों का उपचार कर सकेंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ उत्तराखंड ने इसके लिए 10 डॉक्टरों को अनुमति दी है। 

मेडिकल काउंसिल ऑफ उत्तराखंड ने 30 अप्रैल को जार्जिया, यूक्रेन, कजाकिस्तान, सेंट्रल अमेरिका आदि देशों से एमबीबीएस करने वाले 10 मेडिकल विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करने की अनुमति दी है। ये सभी छात्र सात मई से पहले ही एसटीएच में इंटर्नशिप करने लगेंगे। साथ ही मरीजों का उपचार भी करेंगे। जिन डॉक्टरों ने ऑनलाइन पढ़ाई की है, उन्हें दो साल तक अस्पताल में इंटर्नशिप करनी होगी और जिन डॉक्टरों ने ऑफलाइन पढ़ाई की है वह एक साल तक ही इंटर्नशिप करेंगे।

इंटर्नशिप पूरी करने के दौरान इनको सरकार से 17 हजार रुपये प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी मिलेगा। अस्पताल प्रबंधन से जानकारी मिली कि जो भी विद्यार्थी विदेशों से एमबीबीएस की पढ़ाई करते हैं उनको भारत में नेशनल मेडिकल कमीशन की एफएमसी परीक्षा पास करनी पड़ती है। परीक्षा पास करने के बाद ही उन्हें राज्य में मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप करने की अनुमति मिलती है। अनुमति देने का काम राज्य मेडिकल काउंसिल का होता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि विदेशों से पढ़ाई कर के आए 10 डाक्टर एसटीएच में 7 मई से इंटर्नशिप करेंगे।

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