पीलीभीत: शहर के आठ हजार घरों में रातभर परेशान हुए लोग, करवटें बदलते रहे और पूरी नहीं हो सकी नींद...जानिए पूरा मामला 

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। इन दिनों भीषण गर्मी की मार तराई वासियों पर पड़ रही है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। उस पर बिजली की अघोषित कटौती की मार ने शहर वासियों की मुसीबत और बढ़ा दी है। शनिवार रात को करीठ हजार घरों की बिजली अचानक गुल हो गई।

पहले तो उपभोक्ता इंतजार करते रहे, लेकिन कुछ ही देर में इनवर्टर भी दगा दे गए और फिर बिना बिजली के ही भीषण गर्मी में उपभोक्ता बेहाल हो गए। आलम ये रहा कि गर्मी बीच हुई अघोषित कटौती के चलते नींद भी पूरी न हो सकी। लोग करवटें बदलते परेशान हुए।दूसरे दिन रविवार को भी बिजली की आंख मिचौली बरकरार रही।

वैसे तो शहर की बिजली व्यवस्था का हाल एक दशक से अधिक समय से बद से बदतर बना हुआ है। ग्रामीण अंचलों की बात छोड़ भी दें तो शहर के पॉश इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं का हाल भी बेहाल है। हल्की सी हवा चले, बूंदाबांदी हो या फिर लोड बढ़ जाए।

पावर कारपोरेशन के जर्जर संसाधनों में फाल्ट आना तय है। जिसके बाद सुधार कार्य के नाम पर ही घंटों बिजली गुल रहती है।  जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है। अघोषित कटौती का समाधान कराने के लिए करीब दो माह से बंच केबल शहर में डलवाई जा रही है, लेकिन उक्त कार्य की रफ्तार भी कछुआ चाल है।  

मुख्य मार्गों पर तारों के मकड़जाल हादसे का सबब बने हुए हैं। जहां-तहां ट्रांसफार्मर आग का गोला बन जाते हैं।  गर्मी के मौसम में हर साल उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है। बीते कई दिनों से शायद ही कोई दिन ऐसा गया हो जब खराबी या सुधार कार्य के नाम प बत्ती गुल न हुई हो। शनिवार को दिन भर की आंख मिचौली के बाद रात को कई इलाकों में बिजली संकट गहरा गया।

रामलीला सब स्टेशन में हुए फाल्ट के बाद आधा शहर अंधेरे में डूब गया।  मोहल्ला जोशीटोला, एकता नगर, अशोक कॉलोनी, सुनगढ़ी, आसफजान, साहूकारा, मोहतसिम खां, निरंजनकुंज, गैस चौराहा, तुलाराम, काला मंदिर, डालचंद, खकरा, डोरीलाल समेत कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। दिन में भी कई बार बिजली गुल हुई थी। लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या भी बनी हुई थी। ऐसे में इनवर्टर ठीक से चार्ज तक नहीं हो सके थे और कुछ देर में ही डाउन पड़ गए।

जिसके बाद रात के वक्त गर्मी में बिना बिजली के उपभोक्ता परेशान हो गए। सुधार के लिए टीमें दौड़ाई गई, लेकिन पूर्णतया सुधार रात में नहीं हो सका। कुछ इलाकों में सप्लाई देर रात चालू करा दी गई। मगर एकता नगर, डालचंद समेत अन्य इलाकों के उपभोक्ता तिलमिलाते रहे। दूसरे दिन रविवार सुबह दोबारा टीम लगी और फिर सप्लाई चालू की जा सकी।

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