प्रयागराज: श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद मामले की सुनवाई 20 मई को सुनिश्चित

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में 16 मई को भी वाद की पोषणीयता को लेकर 3 घंटे सुनवाई चलने के बाद मामले को 20 मई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया है। गुरुवार को मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि गलत तथ्यों के आधार पर यह वाद दायर किया गया है। अतः इसे खारिज कर देना चाहिए। इस पर हिंदू पक्ष की ओर से सिविल वाद को व्याख्यायित किया गया। हिंदू पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड न्यायालय की प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहा है। 

श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट और संस्थान के अधिवक्ता हरेराम त्रिपाठी व प्रणय ओझा ने संयुक्त रूप से 7 मई के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट की ओर से बार-बार समय देने के बाद भी सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से आवश्यक शपथ पत्र पक्षकारों को उपलब्ध नहीं कराया गया जा रहा है, जिससे न्यायालय की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो रही है जबकि मुस्लिम पक्ष ने किसी को भी शपथ पत्र दाखिल करने का अतिरिक्त समय न दिए जाने को लेकर स्वयं प्रार्थना पत्र दिया था। 

दूसरी ओर वाद संख्या तीन, चार और पांच की ओर से अधिवक्ता विनय शर्मा ने पक्ष रखते हुए कहा कि प्रस्तुत मामले में विशेष उपासना अधिनियम, परिसीमा अधिनियम, वक्फ एक्ट के प्रावधान लागू नहीं होते हैं। ईदगाह का पूरा क्षेत्र भगवान का गर्भगृह है। सियासी षड्यंत्र के तहत उस पर ईदगाह का निर्माण करवाया गया है। विपक्षी के पास ऐसा कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं है, जिससे यह सिद्ध होता हो कि सीपीसी का आदेश 7 नियम 11 इस वाद पर लागू नहीं होता है। मालूम हो कि हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की एकलपीठ के समक्ष श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले से जुड़ी 18 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जा रही है।
 
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