पीलीभीत: बहुत हुई बिजली कटौती की मार, नहीं हुआ समाधान...अब व्यापारी आंदोलन करने को तैयार, बनाई रणनीति
पीलीभीत, अमृत विचार। भीषण गर्मी के बीच इन दिनों हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती से हर कोई बेहाल हो चुका है। शिकायतों के बाद सुधार के आश्वासन तक जिम्मेदारी सीमित रह गई है। दिन-रात की अघोषित कटौती ने घरेलू के साथ ही व्यावसायिक जीवन भी अस्त व्यस्त कर दिया है। जिसके चलते अब व्यापारियों का सब्र टूटता दिखाई दे रहा है। जल्द ही अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की जाएगी और फिर भी हल न निकलना तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इसके लिए बैठक कर व्यापारियों ने अपनी रणनीति बनाई।
भीषण गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती ने शहर वासियों को बेहाल कर दिया है। कभी सुधार के नाम पर तो कभी जर्जर संसाधनों में आई खराबी के नाम पर घंटो बिजली गुल हो रही है। तारों का टूटना और आग लगना भी आम बात हो चुकी है। जिम्मेदार ओवरलोड और मरम्मत का बहाना बताकर जिम्मेदारी से बचते नज़र आ रहे है।
इसे लेकर शनिवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की बैठक जिलाध्यक्ष अफरोज जिलानी की अध्यक्षता में शहर में एक प्रतिष्ठान पर हुई। जिसमें यह तय किया गया कि जल्द ही व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधि अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता से मुलाकात कर अघोषित विद्युत कटौती को लेकर विरोध प्रकट करेगा ।
ज़िला महामंत्री पंकज अग्रवाल ने कहा कि इस तरह अघोषित विद्युत कटौती करने से शहर का सारा व्यापार चौपट है। जनता भी इस भीषण गर्मी में बेहाल है। बिजली कब गुल हो जाए इसका कोई पता नहीं। अधिकांश इलाकों में तारों के मकड़ जाल हैं। जर्जर और झूलते तारों में मामूली सी बारिश या तेज हवा चलते ही फाल्ट हो जाते हैं। इन दिनों गर्मी बेतहाशा है।
ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या के चलते इनवर्टर चार्ज नहीं हो पाते हैं। उसके बाद बिजली जाने के बाद समस्या और गहरा जाती है। शहर में जर्जर तारों को हटाकर बंच केबल बिछाने की बात कही गई थी लेकिन अभी भी बहुत सारे इलाके इससे वंचित है। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है इस समस्या को लेकर ज़िला अधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली व्यापार बंधु की बैठक में भी ये मामला उठाया जाएगा।
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