चम्पावत: दुष्कर्मी चाचा को 20 साल का सश्रम कारावास

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Edited By Amrit Vichar
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चम्पावत, अमृत विचार। सगी नाबालिग भतीजी को हवस का शिकार बनाने वाले चाचा को अदालत ने 20 साल के सश्रम कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 53 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर सवा साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। 

विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने सगी भतीजी से दुराचार करने के दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। मार्च 2023 में चम्पावत के एक सीमावर्ती क्षेत्र की 15 वर्षीय बालिका ने सगे ताऊ पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पीड़िता का कहना था कि सगे ताऊ ने उसके साथ चार-पांच दिन तक दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने ये बात अपनी मामी को बताई।

जिसके बाद आरोपी चाचा के खिलाफ पॉक्सो, दुष्कर्म सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया। सुनवाई के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने दोषी को 20 साल सश्रम कैद और 50 हजार रुपये का अर्तदंड सुनाया। जबकि 323, 504 व 506 के तहत तीन माह का साधारण कारावास और एक-एक हजार यानी  कुल तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया। तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी और विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कुंदन राणा ने पैरवी की।

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