हल्द्वानी: हमने अतिक्रमण हटा दिया, अब तुम संभालो
हल्द्वानी, अमृत विचार। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के आसपास की भूमि को लेकर अस्पताल प्रबंधन और नगर निगम प्रशासन के बीच चल रही खींचतान के चलते निगम ने सोमवार को भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया। साथ ही चेताया कि अगर दोबारा भूमि पर अतिक्रमण हुआ तो इसके लिए अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदार होगा। इस संबंध में निगम की ओर से अस्पताल प्रबंधन को बाकायदा पत्र दिया गया है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल तक सड़क के दोनों ओर की भूमि कॉलेज की स्थापना के समय केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कॉलेज प्रबंधन को हस्तांतरित की थी। लेकिन देखरेख के अभाव में भूमि पर धीरे-धीरे अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया।
कब्जा करने वालों में स्वयं नगर निगम भी शामिल है। निगम अधिकारियों ने बिना कॉलेज प्रबंधन की अनुमति के अस्पताल के बाहर खाली भूमि पर पेड पार्किंग का ठेका दिया है। ठेका हटवाने को लेकर कई बार कॉलेज प्रबंधन ने नगर निगम को पत्र लिखा, बावजूद इसके पार्किंग नहीं हटाई गई।
इसको लेकर निगम अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इधर, बीती 24 मई को कॉलेज प्रबंधन ने नगर निगम को फिर पत्र लिखकर एसटीएच के आसपास से अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया। जिस पर सोमवार को नगर निगम ने एसटीएच से एचएन इंटर कॉलेज तक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने अस्पताल के बगल में सिंचाई नहर से लगी गली से भी अतिक्रमण हटाया। टीम ने गंदगी व प्लास्टिक की थैली मिलने पर करीब 12 लोगों का चालान किया। साथ ही 10 ट्रॉली सामान भी जब्त किया। टीम को देखकर कई ठेले वाले मौके से भाग निकले। कुछ महिलाएं निगम अधिकारियों से काउंटर व ठेले छोड़ने की गुहार लगाती नजर आईं। एक महिला का सामान जब्त होने पर रोने भी लगी।
इधर, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया गया है। भविष्य में उक्त भूमि पर फिर से अतिक्रमण हुआ तो इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन को लिखित पत्र भी दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज की भूमि से नहीं हटाई पेड पार्किंग
सोमवार को नगर निगम के अधिकारियों ने एसटीएच के आसपास से अतिक्रमण हटाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, मगर कॉलेज की भूमि पर बनाई गई पेड पार्किंग को नहीं हटाया। तत्कालीन नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय के कार्यकाल में उक्त पेड पार्किंग के लिए टेंडर हुआ था। कई बार कॉलेज प्रबंधन नगर निगम को पत्र लिखकर पार्किंग हटाने की मांग की, लेकिन निगम अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। कॉलेज प्रबंधन का कहना था कि नगर निगम ने कॉलेज को लीज पर मिली भूमि पर कब्जा किया है। जबकि निगम अधिकारी इसे शहर की व्यवस्था के लिए पार्किंग बनाने की बात कहते रहे।
अतिक्रमण से हो रही थी अराजकता
एसटीएच के आसपास दर्जनों ठेले, फड़ वालों के अवैध कब्जे से यहां हमेशा अराजकता का माहौल रहता था। अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर एचएन इंटर कॉलेज तक सड़क के दोनों ओर दर्जनों फड़ व ठेले वालों ने कब्जा कर लिया था। इतना ही नहीं अस्पताल के पास से पीछे की ओर जाने वाली सड़क में दोनों ओर खाने-पीने के ठेले लग रहते थे। यहां से पैदल गुजरना भी मुश्किल होता था। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानियां होती थीं।
टीम ने अतिक्रमण हटाकर भूमि अस्पताल को सौंप दी है। लिखित तौर पर यह लिखकर भी दे दिया है कि भविष्य में यहां फिर से अतिक्रमण होने पर सारी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी। पार्किंग यथावत है, इस संबंध में अस्पताल प्रशासन से वार्ता की जाएगी। अस्पताल प्रशासन आपत्ति करता है तो पार्किंग निरस्त कर दी जाएगी।
- गणेश भट्ट, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम
