देहरादून: उत्तरकाशी में ट्रैक से लापता चार ट्रैकर्स के शव लाए गए
सहस्त्रताल ट्रैकिंग में 9 ट्रैकर्स की हुई थी मौत
देहरादून, अमृत विचार। उत्तरकाशी के सहस्त्रताल में ट्रैकिंग पर गए दल में लापता चार लोगों के शव भी गुरुवार को रेस्क्यू कर लिया गया। 22 सदस्यीय दल में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें पांच शवों को बीते दिवस रेस्क्यू कर लिया गया था। इसी के साथ रेस्क्यू अभियान पूरा हो गया।
बीते 29 मई को कर्नाटक और महाराष्ट्र के ट्रैकरों का 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए रवाना हुआ था। दो जून को दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा था। तीन जून को वहां से 20 ट्रैकर्स सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए थे।
लेकिन यह दल अचानक मौसम खराब होने से घने कोहरे और बर्फबारी के बीच सभी फंस गए। पूरी रात उन्हें ठंड में काटनी पड़ी। जिसके चलते नौ ट्रैकर्स की मौत हो गई। दो ट्रैकर्स तो जैसे-तैसे सकुशल लौट आए जबकि 11 ट्रैकर्स को एयरलिफ्ट किया गया।
सेना व एसडीआरएफ ने बुधवार को पांच शवों को रेस्क्यू कर लिया था, इनमें सिंधु वाकेलाम, आशा सुधाकर, सुजाता मुंगरवाड़ी, विनायक मुंगरवाड़ी और चित्रा प्रणीत थे। लेकिन मौसम बिगड़ जाने से रेस्क्यू रोकना पड़ा। इधर, गुरुवार को टीमों ने चार शवों को भी रेस्क्यू कर लिया। चारों ट्रैकर्स के शव भटवाड़ी लाए गए। मृतकों में वेंकटेश प्रसाद (53), पदमांधा कृष्णमूर्ति (50), अनिता रंगप्पा (60) और पद्मिनी हेगड़े (34) हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने पर एसडीआरएफ की टीम भी उत्तरकाशी लौट आई।
