प्रयागराज: ''आजादी महोत्सव'' में 1857 की क्रांति का जिक्र, जानिये कैसे आजादी पाने का जागा था उत्साह
प्रयागराज, अमृत विचार। जिंदा है हम यह तभी जज्बात पैदा होगा जब हम दैनिक सामान्य दिनचर्या से ऊपर उठकर हमेशा देश के लिए सोचे, गरीबों के लिए सोचें, राष्ट्र किस संपदा कैसे सुरक्षित रहे और विकास हो। यही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। भारत भाग्य विधाता के तत्वावधान में पहले आजादी महोत्सव में शुक्रवार को न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने उक्त बातें कहीं।
1857 की क्रांतिकारी के मुख्यालय खुसरो बाग में आओ जीत पहले आजादी महोत्सव कार्यक्रम में न्यायमूर्ति ने 1857 की क्रांति का जिक्र किया और उन्होंने बताया कि उसे समय किस तरह से भारतीय लोगों के अंदर उत्साह और आजादी पाने का अनुपात था हमें उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पित रहना होगा।
मंडल आयुक्त विजय विश्वास पंत ने कहा कि मैं इस माटी को प्रणाम करता हूं अपने पुरखों को नमन करता हूं जिन्होंने उसे साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी जिसका सूरज अंत नहीं होता है आज शहीदों का दिन है इनकी वजह से आज हमें आजादी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि भारत भारत की विधाता ने प्रयागराज के ऐतिहासिक प्रमाणिक तथ्यों को सबके सामने रखा है हम इसकी मुहिम के साथ हैं और इसे आगे बढ़ना चाहिए।

आशुतोष सण्ड जी ए ने पहले आजादी महोत्सव पर कहा कि यह हमारे पुरखे की गौरव गाथा है जिन्होंने 90 साल पहले ही प्रयागराज को आजाद कर लिया था यह क्रांतिकारी का मुख्यालय था उन्होंने कहा कि खुसरो बाग के साथ एक बोर्ड हो जिसमें क्रांतिकारियों के मुख्यालय का भी जिक्र हो।
प्रारंभ में संयोजक वीरेंद्र पाठक में 7 से 16 जून तक कैसे भारतीयों ने मिलकर आजादी प्राप्त की इस पर विस्तार से चर्चा की उन्होंने बताया कि हिंदू मुस्लिम दोनों मिलकर लड़े मौलवी लियाकत अली और सरदार रामचंद्र की अगवाई में उसे समय के इलाहाबाद को 7 जून को आजाद कर लिया गया।
भारतीयों ने अपने अधिकारी नियुक्ति है और सरकार चलाई कर्नल नील ने प्रयागराज में नरसंहार किया और 17 जून को पूरा इलाहाबाद नेक्स्ट नाबूत कर दिया सारे घरों को आग लगा दी गई क्रांतिकारियों को मार दिया गया ऐसे में मौली लियाकत अली अंग्रेजों से छीनी गई 30 लख रुपए की रकम लेकर बिठूर चले गए और इलाहाबाद एक बार फिर गुलाम हो गया। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद शुक्ला ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण मोहन चौधरी प्रभारी खुशरूबाग ने दिया। प्रारंभ में चौक नीम के पेड़ के नीचे पुष्पांजलि अर्पित की गई बाद में पुलिस बैंड के साथ खुसरो बाग में प्रभात फेरी निकाली गई।
इस अवसर पर शैलेंद्र अवस्थी, अनिल गुप्ता, अनिल पांडे, शशिकांत मिश्रा, विनोद, नीरज अग्रवाल, राजकुमार, शैलेंद्र द्विवेदी अमन श्रीवास्तव, आरव भारद्वाज, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद लईक कृष्णकांत पाठक, देवेंद्र सिंह, दिव्यांशु मेहता, सुनील मिश्रा, भोला तिवारी, कृष्ण शुक्ला, सी एल सिंह, याकूब, राकेश मेहरोत्रा, अनिल त्रिपाठी, सुशील तिवारी, राजीव वर्मा, शरद पाण्डेय प्रमुख रूप से रहे।
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