UP: आग तो हम लगा दिए हैं, देखें ये लोग कहां रहते हैं, प्लाॅट तो हम ले ही लेंगे, आगजनी की घटना के वक्त इरफान सोलंकी ने बोला था ये...
शमशुल, हसन व कनीज की गवाही ने इरफान को सजा दिलाई
कानपुर, अमृत विचार। आगजनी मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 18 गवाह पेश किए गए, जिनमें से चार गवाह परिवार के थे, पांच स्वतंत्र साक्षी, एक डॉक्टर, एक एफएसएल व फायरब्रिगेडकर्मी थे। इसके अतिरिक्त अन्य गवाह पुलिस के थे, जिनमें मामले के विवेचक, एफआईआर लेखन भी शामिल थे। कोर्ट में वादिनी के बेटे शमशुल हसन व मो. हसन व बेटी कनीज जेहरा के दिए गए बयानों ने विधायक को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। घटना के बाद सबसे पहले यह तीन गवाह ही मौके पर पहुंचे थे।
सात नवंबर को नजीर फातिमा पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए परिवार के साथ गई थी। जिसके बाद प्लॉट में बनी उनकी झोपड़ी में आग लगाई गई थी। आग लगने की सूचना सबसे पहले शाहिना नाम की महिला ने डॉयल 112 को दी थी। जिसके बाद नजीर फातिमा के बेटे शमशुल हसन, मो. हसन व बेटी कनीज मौके पर पहुंची थी।
यह बयान दर्ज कराए गए थे
इरफान, रिजवान समेत 50 से 60 लोगों ने मेरे घर को जला दिया
कनीज ने बताया कि सात नवंबर को मेरा पूरा परिवार मामू के लड़के की शादी में गए हुए थे, घटना रात करीब आठ बजे की है। जिस समय घटना हो रही थी, उस समय मेरे दो छोटे भाई हसन व शमशुल हसन गिफ्ट पैक लेने के लिए घर गए थे। वो लोग मोटर साइकिल से मौके पर पहुचें थे, उन लोगों ने देखा कि रिजवान व इरफान के साथ 50 से 60 आदमी वहां खड़े हैं और उनमें से कुछ लोग आग लगा रहे। शमशुल ने कहा कि आप लोग क्या कर रहे है तो इरफान व रिजवान व उनके आदमी उसे मारने लगे।
आग तो हम लगा दिए हैं, देखें ये लोग कहां रहते हैं
19 अप्रैल को शमशुल हसन ने कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए बताया कि वलीमें में गिफ्ट घर में छूट गया था, जिसे लेने के लिए वह प्लॉट पर गए थे। गिफ्ट लेने जाने के दौरान मेरा छोटा भाई मो. हसन भी था, जब मैं वहां पहुंचा तो वहां आग लगी हुई थी। टोकने पर रिजवान ने पेट में लात मारी, इसके बाद इरफान ने गाली देते हुए मारने को बोला। जब यह लोग मारने लगे तो छोटे भाई ने अंधेरे में छिप कर जान बचाई। बताया था कि जब लोग मार रहे थे तो इरफान सोलंकी बोला कि आग तो हम लगा ही दिए है, अब देखें ये लोग कहां रहते हैं, प्लॉट तो हम ले ही लेंगे।
पुलिस का हूटर बजा तो रिजवान साथियों संग भागा
मो. हसन ने बताया कि इरफान व उसके साथी मेरे भाई को मार रहे थे, तब मैं अंधेरे में छिप गया। इसके बाद मैने बड़े भाई साजिद हुसैन को फोन कर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद इरफान अपनी कार में पांच से छह लोगों के साथ केडीए चौराहे की तरफ भाग गए। कुछ देर बाद पुलिस की गाड़ी का हूटर बजा तो रिजवान चार-पांच साथियों के साथ गाड़ी से अल्पाइन की तरफ भागे। पुलिस व फायर ब्रिगेड के पहुंचने के कुछ समय बाद अम्मी आ गई थी।
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