बरेली: अतिक्रमण में फंसे मरीज...कैसे पहुंचे जिला अस्पताल?, जाम ने निकलना किया दुश्वार
बरेली, अमृत विचार: कुतुबखाना पुल बनने के बाद भी जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को जाम से राहत नहीं मिली है। एक ओर जहां रोड पर अतिक्रमण फैला हुआ है तो दूसरी तरफ अस्पताल गेट पर ई रिक्शा चालकों को जमघट लगा रहता है। इस वजह से हर रोज एंबुलेंस फंस रही हैं। गंभीर मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है। शनिवार को भी अस्पताल गेट पर काफी देर तक एंबुलेंस फंसी रही।

दोनों ओर सजीं दुकानें, निकलना मुश्किल
जिला अस्पताल में ओपीडी सुबह 8 बजे शुरू होती है, लेकिन इससे पहले ही कुतुबखाना की ओर से जाने वाली रोड के दोनों ओर फुटपाथ पर दुकानें सज जाती हैं, जिससे ई-रिक्शा या ऑटो से अस्पताल तक आने वाले मरीज जाम में फंस जाते हैं। नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाती है, लेकिन टीम के हटते ही फिर स्थिति जस की तस हो जाती है।

एंबुलेंस से गंभीर मरीजों को लाने में दिक्कत
ओपीडी में आने वाले मरीज तो हट बचके अस्पताल में प्रवेश कर लेते हैं, लेकिन सबसे अधिक परेशानी एंबुलेंस से अस्पताल तक आने वाले गंभीर मरीजों को होती है। कई बार दोनों ओर अतिक्रमण होने से एंबुलेंस फंस जाती है।
सवारियों के चक्कर में गेट नहीं हटते हैं ई रिक्शा चालक
जिला अस्पताल गेट ई रिक्शों का जमघट लगा रहता है। अस्पताल से लौटने वालों को रिक्शा में बैठाने के लिए बड़ी संख्या में ई-रिक्शा यहां एकत्र हो जाते हैं। ऐसे में मार्ग का रास्ता बंद हो जाता है।
अतिक्रमण हटवाने के लिए बार नगर निगम को पत्र लिखा चुका है। हालांकि अभियान बीच-बीच में चलाया जा रहा है, लेकिन दोबारा से अतिक्रमण हो जाता है। एंबुलेंस कर्मी भी जाम में फंसने की शिकायत कर चुके हैं, समस्या के निस्तारण के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा- डॉ. अलका शर्मा, एडीएसआईसी, जिला अस्पताल।
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