मुकदमे का डर दिखाकर थानेदार ने महिला से ऐंठे रुपये! सीएम से की शिकायत
महोली/सीतापुर, अमृत विचार। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने प्रभारी निरीक्षक पर घर में घुस आने, पुलिसिया रौब दिखाकर गाली-गलौज करने, फर्जी मुकदमे का डर दिखाकर पति को करीब 12 घंटे थाने में बिठाये रखने और मोटी रकम लेकर उन्हें छोड़ने के गंभीर आरोप लगाये और मुख्यमंत्री और पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत की है। महिला का दावा है कि उसने रिश्वत की रकम अपने परिचित लोगों से मांगकर जुटाई है। महिला के प्रार्थना-पत्र में एक ग्रामीण की भी भूमिका संदिग्ध बताई गई है। मामला कोतवाली क्षेत्र के भुड़िया गांव का है।
शीलू पत्नी प्रेम की दी तहरीर के मुताबिक 3 जून की सुबह करीब 8 बजे प्रभारी निरीक्षक बिना वर्दी उसके घर घुस आए और गाली-गलौज करते हुए उसके पति को जबरिया पकड़कर अपने साथ थाने ले गये। थोड़ी देर बाद शीलू कोतवाली पहुंची और प्रभारी निरीक्षक से प्रेम की गिरफ्तारी का कारण पूछा तो उन्होंने धमकाते हुए 50 हजार रुपए की मांग की। आरोप है कि उन्होंने रकम न मिलने पर उसके पति को झूठे मुकदमें में जेल भेज देने की धमकी दी। ऐसे में वह डर गई और अपने कुछ परिचित लोगों से रकम मांगकर इकट्ठा की और प्रभारी निरीक्षक को दे दी। रुपए मिलने के आधे घंटे बाद रात करीब 9.30 बजे प्रेम को पुलिस हिरासत से छोड़ दिया गया। बकौल, शीलू इस पूरे प्रकरण में गांव का एक व्यक्ति भी शामिल था। शीलू ने 6 जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर प्रार्थना-पत्र सौंपा और मुख्यमंत्री को भी शिकायती-पत्र भेजकर इंसाफ किये जाने की गुहार लगाई है। पूरे मामले की हकीकत क्या है, कहना मुश्किल है, लेकिन कोतवाली महोली से सीओ का कार्यालय ज्यादा दूर नहीं है। फिर भी शीलू ने सीओ ऑफिस में जाकर अवैध वसूली की शिकायत करने की जरूरत नहीं समझी।तीन दिन बाद उन्होने शिकायत की है। अभी तक शिकायतकर्ता आरोप के संबंधित कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी है। उधर आरोपी ग्रामीण का कहना है शीलू के आरोप असत्य और निराधार हैं। गंवई सियासत के चलते वह उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में सब कुछ सामने आ जायेगा।
इंस्पेक्टर पर आरोप, दारोगा ने लगाई जांच रिपोर्ट !
सोशल मीडिया पर पीड़िता शीलू द्वारा पुलिस अधीक्षक को संबोधित प्रार्थना-पत्र वायरल हो रहा है। इस पत्र पर विभाग के किसी अधिकारी ने लिखा कि महोली रू. प्रकरण की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करें। यह निर्देश 8 जून को दिया गया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद नेरी-नेवादा चैकी प्रभारी उप निरीक्षक एजाज अहमद ने जनता द्वारा दिए गए शिकायती-पत्र की आख्या में लिखा कि शीलू की मां शीलू के साथ भुड़िया गांव में रहती थी। आरोप था कि प्रेम द्वारा सास के नाम की जमीन, जो ग्राम मल्लपुर हथिया, थाना इमलिया, जनपद सीतापुर में है। ढाई बीघा जमीन अपनी सास से अपनी पत्नी के नाम करा दिया है। जब इस बात की जानकारी शीलू के भाईयों को हुई तो उन्होंने बैनामा को दाखिल खारिज करने पर रोक लगाई और प्रेम पर सास की हत्या कर देने का गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी। प्रेम की सास के शव का पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा गया। प्रकरण जांच हेतु प्रेम को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया गया था। प्रभारी निरीक्षक उसके घर नहीं गए थे। उनके द्वारा कोई गाली गलौज नहीं की गई थी। पचास हजार रुपए लेने का आरोप असत्य और निराधार है। भुड़िया गांव के पदुम का नाम दूसरों के बहकावे में आकर दिया जा रहा है। प्रेम और उसके साले राजकुमार ने 11 जून को आपस में सुलह भी कर ली थी। सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
गहनता से पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकता हैः सीओ
इस संबंध में जब सीओ महोली अरुण कुमार सिंह ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि पूरा प्रकरण क्या है, इस बाबत गहनता से पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है। हैरत की बात यह है कि प्रभारी निरीक्षक पर लगे आरोपों की जांच कर एक उपनिरीक्षक ने अपनी जांच-आख्या भी बना डाली, लेकिन सीओ महोली इस बात से अंजान ही रहे।
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