रुद्रपुर: कबाड़ गोदाम-झोपड़ियों में धधकी आग से करोड़ों का नुकसान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रुद्रपुर, अमृत विचार। बगवाड़ा मंडी इलाके के लोगों में उस वक्त अफरातफरी मच गई। जब वहां मौजूद कबाड़ गोदाम में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और झोपड़ियों को अपने आगोश में ले लिया। आग और धुएं की लपटों से आसमान में धुआं ही धुआं छाने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आग को बुझाने का कार्य शुरू हुआ। भीषण अग्निकांड में करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान है।

जानकारी के अनुसार बगवाड़ा मंडी इलाके की आबादी के पीछे स्थित भूखंड में पहाड़गंज निवासी जफीर अहमद, सलीम अहमद, बगवाड़ा निवासी रंजीत सिंह संधू, एहसान हसन, भूत बंगला निवासी इमरान खान के अलावा वाहिद अली का कबाड़ का गोदाम है। शुक्रवार की दोपहर तीन बजे के करीब अचानक कबाड़ के ढेर में आग लग गई। जब तक कबाड़ गोदाम संचालक कुछ समझ पाता तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिसे देखकर स्थानीय लोगों में भगदड़ और चीख पुकार का मचने लगी।

इस बीच सूचना मिलते ही सीएफओ निशांत कटारिया, एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ सदर निहारिका तोमर भारी पुलिस बल व अग्निशमन टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आग को काबू करने की कोशिश शुरू की। बावजूद आग की लपटें और धुआं इलाके में फैलता गया। जिससे आसमान में धुएं के काले बादल छाने लगे। इस दौरान सिडकुल, किच्छा, गदरपुर, रुद्रपुर के अलावा दमकल की गाडियां बुलाकर तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन आग की चपेट में आने से वहां मौजूद गीता देवी, जामिया देवी और प्रदीप कुमार की झोपड़ियां भी जलकर खाक हो गई। बताया जा रहा है कि इस अग्निकांड से तकरीबन तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। क्षति के सही आकलन के लिए दमकल विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

चलती रही हवा, बढ़ती रही आग

बगवाड़ा मंडी इलाके के कबाड़ गोदामों में लगी को बुझाने में दमकल विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिसका कारण यह था कि जिस वक्त अग्निकांड घटना घटित हुई। उसी दौरान उतर दिशा की ओर हवा का रुख बहुत ही तेज था। जिस कारण आग को काबू करने के बजाय आग लगातार गोदामों के अलावा आवासीय इलाकों की ओर बढ़ने लगी। जिसे देखकर दमकल विभाग के हाथ पांव फूलने लगे और कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग को बढ़ने से रोका।

संकरी गलियों से बढ़ी मुश्किलें

बगवाड़ा मंडी में हुए अग्निकांड हादसे के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत उस वक्त आई। जब अग्निकांड स्थल गोदाम के नजदीक जाने के लिए दमकल विभाग को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कारण गोदाम के नजदीक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। प्रवेश मार्ग इतना सकरा व छोटा था कि गाड़ियां मौके तक पहुंच ही नहीं पायी। जिस कारण दमकल कर्मियों को पाइप को जोड़कर ही आग बुझाना पड़ा।

12 गाड़ियों ने लगाए 36 चक्कर

 बगवाड़ा इलाके में हुआ भीषण अग्निकांड इतना बढ़ा था कि आग की लपटों में दमकल की गाड़ियों की पानी की बौछार कम पड़ने लगी। महज चंद मिनटों में ही गाड़ियों का पानी समाप्त हो रहा था। जिसके लिए दमकल की 12 गाड़ियों ने पानी भरने के लिए 36 चक्कर लगाए और अग्निशमन विभाग ने चारों ओर से घेराबंदी कर आग पर बौछार मारनी लगातार जारी रखी। इसके बाद ही आग पर काबू पाया गया।

नेता-अधिकारियों ने लगाई दौड़

बगवाड़ा मंडी स्थित कबाड़ गोदाम में भीषण आग की सूचना मिलते ही नेताओं और अधिकारियों ने घटनास्थल की ओर दौड़ लगा दी और यातायात के अलावा भीड़ को नियंत्रित किया। सूचना मिलते ही विधायक शिव अरोरा, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ सदर निहारिका तोमर, थाना अध्यक्ष पंतनगर राजेंद्र सिंह डांगी, थाना प्रभारी भारत सिंह के अलावा आसपास की चौकी का फोर्स और राजस्व विभाग की टीम पहुंची और क्षति आकलन, यातायात व्यवस्था को सुचारू और भीड़ को नियंत्रित करने में जुट गई।

संबंधित समाचार