प्रतापगढ़: डिजिटल साइनेज बोर्ड बतायेगा आपदा से राहत और बचाव के तरीके, डीएम ने जनसुनवाई कक्ष में किया शुभारंभ
जनपद के सभी तहसीलों के सभागार में लगेगा डिजिटल साइनेज बोर्ड
प्रतापगढ़, अमृत विचार। आपदा के समय राहत एवं बचाव की जानकारी डिजिटल साइनेज बोर्ड से मिलेगी। यह व्यवस्था पूर्णतः निःशुल्क है। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर के जनसुनवाई कक्ष में इसका शुभारंभ किया। यह सभी तहसीलों में भी लगाया जाएगा। जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा विभिन्न आपदाओं के दौरान क्या करें क्या न करें विषय पर जनमानस को समय - समय पर जागरूक किया जाता है।
आपदा से राहत व बचाव के प्रति जनजागरूकता के लिए डिजिटल साइनेज बोर्ड बनाया गया है। कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई कक्ष में 13 जून को इसकी शुरुआत जिलाधिकारी संजीव रंजन ने किया।इसके अलावा सदर,पट्टी,कुंडा,लालगंज और रानीगंज तहसील के सभागार में भी डिजिटल साइनेज बोर्ड लगाया जाएगा। यह बोर्ड बाढ, अग्निकांड, वज्रपात अतिवृष्टि, जल में डूबना, सर्पदंश आदि आपदाओं के प्रति लोगों को जागरूक करेगा।
इसके माध्यम से जनसामान्य आसानी से यह जान सकेंगे कि आपदा के दौरान क्या करें,क्या न करें। जिला मुख्यालय के अलावा सभी तहसीलों में भी यह लगेगा।डिजिटल साइनेज बोर्ड के संचालन और देखरेख के लिए सम्बंधित तहसीलदार को इसका नोडल नामित किया गया है। सदर तहसीलदार कलेक्ट्रेट व तहसील सभागार दोनों के नोडल हैं। जबकि अन्य सभी तहसीलदार अपनी तहसील के नोडल हैं। कार्यालय अवधि में ही संचालित किया जाएगा। इससे उस अवधि में वहां आने वाले लोगों को इसका लाभ आसानी से मिल सकेगा।
पूर्व में क्यू आर कोड की हुई थी शुरुआत
विश्व आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर बीते 13 अक्टूबर को क्यू आर कोड स्कैन कर जिलाधिकारी संजीव रंजन इसकी शुरुआत की थी। जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा विभिन्न आपदाओं के दौरान क्या करें क्या न करें विषय पर जनमानस को जागरूक करने के लिए क्यू आर कोड बनाया है। इससे भी लोगों को राहत एवं बचाव की निःशुल्क जानकारी मिलती है। जनसामान्य में आपदाओं के प्रति जागरूकता बहुत आवश्यक है।
इसके लिए समय - समय पर अभियान भी चलाया जाता है। विश्व आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर क्यू आर कोड की शुरुआत की गई थी। इस बार जनजागरूकता के लिए डिजिटल साइनेज बोर्ड लगाया जा रहा है। कलेक्ट्रेट के जनसुनवाई कक्ष से शुरुआत हो गई है। सभी तहसीलों के सभागार में लगाया जाएगा। इससे वहां आने वाले लोगों को इसकी जानकारी मिल सकेगी...,अनुपम शेखर तिवारी, जिला आपदा विशेषज्ञ, प्रतापगढ़।
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