अब बरेली ऑफिसर्स क्लब के नाम से जाना जाएगा एलन क्लब
बरेली,अमृत विचार। एलन यूनियन क्लब अब बरेली ऑफिसर्स क्लब के नाम से जाना जाएगा। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने नया नाम रखने की मंजूरी देते हुए बरेली ऑफिसर्स क्लब नाम फाइनल कर दिया है। क्लब की नये सिरे से कमेटी बनायी जायेगी। नयी कमेटी में उन पुराने सदस्यों को भी जगह दी जायेगी जिन्होंने लीगल तौर …
बरेली,अमृत विचार। एलन यूनियन क्लब अब बरेली ऑफिसर्स क्लब के नाम से जाना जाएगा। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने नया नाम रखने की मंजूरी देते हुए बरेली ऑफिसर्स क्लब नाम फाइनल कर दिया है। क्लब की नये सिरे से कमेटी बनायी जायेगी। नयी कमेटी में उन पुराने सदस्यों को भी जगह दी जायेगी जिन्होंने लीगल तौर पर और बायलॉज के अनुसार क्लब की सदस्यता ग्रहण की थी। साथ ही राजस्व बढ़ाने के लिये क्लब को शादी समारोह, धार्मिक समेत अन्य कार्यक्रमों के लिये किराये पर भी उठाया जायेगा।
नयी कमेटी घोषित होने के बाद क्लब शुरू करा दिया जायेगा। नयी कमेटी की सूची तैयार कर ली गयी है लेकिन अभी फाइनल नहीं की गयी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने बायलॉज के अनुसार नयी कमेटी बनाने और क्लब के संचालन को लेकर प्रस्ताव तैयार करके जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और नगर आयुक्त को भेज दिया है।
एलन क्लब की जमीन की लीज करीब 31 साल पहले खत्म हो गयी थी। इसके बाद एलन यूनियन क्लब का अस्तित्व भी मिट गया। पिछले साल तत्कालीन जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह के आदेश पर क्लब की नजूल प्रॉपर्टी बेदखल कर दी गयी थी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम को केयर टेकर बना दिया गया। इसके बाद नगर निगम ने क्लब को सील कर दिया था। पूर्व में क्लब के अंदर खेल, सांस्कृतिक समेत जो अन्य गतिविधियां संचालित थीं उन पर भी रोक लगा दी गयी थी। दिसंबर, 2019 में जिलाधिकारी नितीश कुमार ने एलन क्लब के भवन का ताला खुलवाया था लेकिन गतिविधियां संचालित नहीं हुईं।
क्लब की जमीन सरकार की, अब किसी का दावा नहीं: डीएम
जिलाधिकारी नितीश कुमार का कहना है कि लीज खत्म होने के बाद जमीन सरकार की हो गयी। पूरी प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक बतौर जिला प्रशासक जिलाधिकारी का है। नगर निगम बतौर प्रबंधक देखरेख करेगा। जमीन पर अब किसी का दावा नहीं है। शासन से लीज निरस्त होने के बाद क्लब पर किसी का हस्तक्षेप नहीं रहा। एलन क्लब का नाम लीज खत्म होने के साथ ही खत्म हो गया। बिल्डिंग है, इसलिये उसका नाम बरेली ऑफिसर्स क्लब रखा गया है। पहले बरेली सिटी क्लब और अहिछत्र नाम भी सोचा लेकिन ये नाम फिट नहीं बैठ रहे थे। नयी कमेटी में सदस्य बनाने के लिये बायलॉज दिखवाया जा रहा है। नयी कमेटी में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट सहित कई अन्य अधिकारियों को भी बतौर सदस्य शामिल किया जायेगा।
चालू हो सकता है क्लब का बार
सालभर पहले तक क्लब में बार भी संचालित होता था लेकिन लीज खत्म होने के बाद बार भी बंद हो गया। नयी कमेटी बार संचालित करने को अनुमति देगी या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि क्लब का बार भी चालू हो सकता है। हालांकि, जिलाधिकारी ने कहा है कि बार में जूस जैसे पेय पदार्थ ही ठीक हैं।
पूंजीपतियों का अधिकार एक झटके में खत्म
एलन यूनियन क्लब की कमेटी में शहर के कई पूंजीपति और बड़े कारोबारी जुड़े हुये थे। कुछ पूंजीपति ऐसे भी थे जिनके इशारे पर पूरी कमेटी काम करती थी। प्रशासनिक अधिकारियों का कोई हस्तक्षेप नहीं था लेकिन अब पूंजीपतियों का अधिकार एक झटके में खत्म हो गया। नये नाम के साथ क्लब पर अब पूरा अधिकार अधिकारियों का रहेगा।
