राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयः 66 छात्रों को एनआरआई प्रायोजक श्रेणी में किया शामिल

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को छात्रों को एनआरआई श्रेणी में शामिल किया गया है। प्रशासन ने इसकी सूची जारी कर दिया है। विवि प्रशासन ने सूची की जारी, व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए तिथियों का भी निर्धारण हुआ है।

लखनऊ, अमृत विचार: स्वदेशी छात्रों की पढ़ाई में मदद करने के लिए प्रवासी भारतीय (एनआरआई) आगे आए है। डॉ. राममनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में 66 छात्रों को एनआरआई प्रायोजक (स्पॉन्सर) श्रेणी के तहत सम्मिलित किया गया है। इन छात्रों में बीए एलएलबी ऑनर्स के साथ एलएलएम की पढ़ाई करने वाले छात्र भी शामिल हुए हैं।

विधि विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. शशांक शेखर ने बताया है कि प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) द्वारा स्वदेश में रहकर पढ़ने वाले छात्रों को पढ़ाई के लिए मदद की जाती है। प्रायोजक श्रेणी में इस बार 61 एलएलबी ऑनस के छात्रों को सूचीबद्ध किया गया है। वहीं चार छात्र ऐसे भी है जो एलएलएम की पढ़ाई पूरी करेंगे। विवि की वेबसाइट पर इसकी सूची जारी की गई है। व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए तिथियां भी घोषित हुई हैं।

इन छात्रों को किया गया सूचीबद्ध

विवि प्रवक्ता के मुताबिक, एनआरआईज/ एनआरआई स्पानसर्ड कैटेगरी बीए-एलएलबी ऑनर्स सेशन 2024 -25 में 61 छात्रों को शामिल किया गया है। इसमें फॉरेन नेशनल कैटेगरी में पहला स्थान शौर्य शेखर शुक्ला का है। एनआरआई कैटेगरी में क्रमश: सौंदर्य लक्ष्मीनारायण, कशिश डागर और समीक्षा उपाध्याय का नाम शामिल है। एनआरआई स्पानसर्ड में अक्षत गौर, धारा मित्तल, आरव यादव, प्रज्ञा, खुशी भाटी सहित अन्य हैं। वहीं एलएलएम में वीरेन्द्र जैन, मंतशा सिद्दीकी, शिवांशु अरोड़ा, संजीवनी संगौरी सम्मिलित हैं।

कश्मीरी पंडितों के लिए सीटें आवंटित, सूची जारी
डॉ. शशांक शेखर के अनुसार, कश्मीर पंडित, कश्मीरी हिंदू आदि के लिए भी सीटों का आवंटन विधि विवि की ओर से किया गया है। बीए-एलएलबी ऑनर्स में 12 सीटें निर्धारित हैं। वहीं एलएलम के लिए 1 सीट निर्धारित है। रैंक के आधार पर सौभव्य भार्गव, अपराजित गोरखा सहित अन्य सूचीबद्ध किए गए हैं। वहीं एलएलएम में हार्दिक शर्मा, हिमांशु भट्ट आदि नामांकित हैं।

साइबर लॉ में अधिक हुए आवेदन, आईपीआर में सबसे कम

विवि प्रवक्ता के मुताबिक, नए सत्र के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की अधिक रुचि पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा इन साइबर लॉ में है। इसमें सबसे अधिक 38 सीटों के सापेक्ष 29 आवेदन हुए हैं। मीडिया में भी इतनी ही सीटों के सापेक्ष 10 आवेदन किए गए हैं। वहीं बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) में 38 सीटों के सापेक्ष केवल 8 आवेदन ही प्रस्तुत हुए हैं। छात्रों के प्रपत्रों का सत्यापन किया जा चुका है।

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