बरेली: ऐसे-ऐसे अफसर...प्रधानमंत्री की सुरक्षा का था मामला, फिर भी DM तक की नहीं सुनी
बरेली, अमृत विचार। कहीं एक-एक कर पुलों के ढहने की खबरें आ रही हैं तो कहीं देश की वो सड़कें भी धंस जा रही हैं जिनकी चर्चा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। बेअंदाज होते सिस्टम की ओर इशारा करने वाली प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की ऐसी ही एक घटना बरेली में भी हुई थी जिसके लिए पीडब्ल्यूडी के एक्सएईन राजीव अग्रवाल को जिम्मेदार माना गया है। डीएम ने राजीव अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में साफ लिखा है कि बार-बार निर्देश के बावजूद उन्होंने प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी बातों को भी अनदेखा कर दिया।
मामला आलमपुर जाफराबाद में प्रधानमंत्री के लिए हैलीपैड बनाने का है। प्रधानमंत्री को आंवला संसदीय क्षेत्र के 25 अप्रैल को पार्टी प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप के लिए चुनावी जनसभा करने आना था। हैलीपैड बनाने की जिम्मेदारी पीडब्लयूडी निर्माण खंड प्रथम के एक्सईएन राजीव अग्रवाल को दी गई थी। राजीव अग्रवाल ने इसमें किस स्तर की लापरवाही दिखाई, यह डीएम रविंद्र कुमार के प्रमुख सचिव को लिखे पत्र से पता लग रहा है। डीएम ने इस पत्र में कहा है कि आलमपुर जाफराबाद में प्रधानमंत्री की जनसभा की सूचना भारत सरकार से उन्हें 21 अप्रैल को मिली थी। प्रधानमंत्री से जुड़ा मामला होने के कारण उन्होंने उसी दिन एसएसपी के साथ मौका मुआयना कर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजीव अग्रवाल को हैलीपैड बनाने का निर्देश दिया। स्पष्ट रूप से यह भी बता दिया कि इसका खर्च सरकार वहन करेगी।
डीएम ने पत्र में लिखा है कि एक्सईएन को प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिहाज से मानकों के अनुरूप हैलीपैड बनाने का काम हर हाल में 22 अप्रैल की शाम तक पूरा कराने को कहा गया था क्योंकि एसपीजी के निर्देश के मुताबिक 23 अप्रैल को उस पर हैलीकॉप्टर की ट्रॉयल लैंडिंग की जानी थी। लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े मामले को गंभीरता से लेने के बजाय काम देरी से शुरू किया गया। कार्यक्रम के प्रभारी अधिकारी बनाए गए बीडीए उपाध्यक्ष और कानून व्यवस्था की दृष्टि से नामित नोडल अधिकारी एडीएम न्यायिक के बार-बार कहने के बावजूद एक्सईएन अनसुनी करते रहे। इस वजह से हैलीपैड का निर्माण और उसकी सुरक्षा संबंधी बैरिकेडिंग का काम समय से पूरा नहीं हो सका।
ऐसी कार्रवाई करें कि भविष्य में कोई और अधिकारी ऐसा न करे : डीएम
डीएम ने प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में एक्सईएन को बेहद लापरवाह और जिम्मेदारी के प्रति उदासीन अधिकारी बताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा संबंधी निर्देशों को उन्होंने जानबूझकर अनसुना किया। उनकी लापरवाही से प्रधानमंत्री की सुरक्षा प्रभावित हो सकती थी। प्रधानमंत्री के सुरक्षा संबंधी मामले में लापरवाही को देखते हुए एक्सईएन राजीव अग्रवाल के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए ताकि कोई और अधिकारी भविष्य में इतने गंभीर काम में लापरवाही करने की न सोच सके।
एसपीजी के नाराजगी जताने के बाद बीडीए उपाध्यक्ष ने भी डीएम को लिखा था पत्र
बीडीए उपाध्यक्ष ए मनिकंडन ने भी एक्सईएन के खिलाफ डीएम को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई कराने को कहा था। इस पत्र में बीडीए उपाध्यक्ष ने डीएम को अवगत कराया था कि समय से हैलीपैड का निर्माण न होने पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा संबंधी तैयारियों में देरी हुई। इस पर एसपीजी ने नाराजगी व्यक्त की थी। इससे पहले कार्यक्रम की सूचना मिलते ही वह काम पूरा कराने के लिए 21, 22 और 23 अप्रैल तक लगे रहे। 23 अप्रैल की शाम सात बजे लेबर के साथ एक्सईएन खुद भी मौके से चले गए। इस कारण हैलीपैड नहीं बन पाया। इस लापरवाही पर एक्सईएन के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
हैलीपैड में लगी ईंटें उठवाने में दिखाई थी ज्यादा दिलचस्पी
प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बावजूद एक्सईएन ने हैलीपैड समय से बनवाने से ज्यादा दिलचस्पी जनसभा के बाद उसमें लगी ईंटों को उठवाने में दिखाई। दरअसल, यह हैलीपैड जनसभा स्थल के बराबर सुनीति शर्मा के खेत में बनवाया गया था। इसके लिए उनके खेत में लगे तमाम पौधों के साथ फेंसिंग को भी उजाड़ दिया गया था। जनसभा के बाद सुनीति शर्मा के नुकसान की तो कोई भरपाई नहीं की गई लेकिन जब कई दिन बाद उन्होंने ईंटें उठवानी शुरू कीं तो थाने में शिकायत कर दी गई। सुनीति शर्मा का आरोप था कि एक्सईएन से बात करने के बाद भी समस्या का कोई हल नहीं निकला।
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