अल्मोड़ा में बारिश से 19 सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त, पिछले 24 घंटों में जैंती में सर्वाधिक 122 एमएम बारिश रिकॉर्ड

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार। जिले में अब मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है, इससे मलबा और बोल्डर आने से जिले की 19 ग्रामीण सड़कों में सोमवार को वाहनों की रफ्तार थमी रही, जबकि काफलीखान-भनोली-सिमलखेत और खैरना-रानीखेत-रामनगर राजमार्ग में भी घंटों यातायात बाधित रहा।

अल्मोड़ा जिला मुख्यालय समेत जिलेभर में रविवार से सोमवार देर शाम तक भारी बारिश हुई। बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकांश समय लोग घरों के अंदर ही दुबकने को मजबूर हुए।

आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, 24 घंटों के भीतर सोमवार सुबह आठ बजे तक सबसे अधिक बारिश 122 एमएम जैंती में दर्ज की गई, जबकि जिला मुख्यालय में 67.0 एमएम, रानीखेत में 14.2 एमएम, द्वाराहाट में 61 एमएम, चौखुटिया में 3.0 एमएम, सोमेश्वर में 28 एमएम, भिकियासैंण में 6.0 एमएम, ताकुला में 59 एमएम, भैसियाछाना में 72.5 एमएम, शीतलाखेत में 49 एमएम बारिश हुई। 

जिले की ये सड़कें रहीं बाधित 
जिले में लगातार बारिश के चलते मलबा और बोल्डर आने से खूंट-धामस-बसर, अल्मोड़ा घाट, जैती-पिपली-सेल्टा-चापड़, ज्वाड़नैड़ी-बक्सवाड़, ध्याड़ी-मिरगांव, दन्यौली-चौकुना, बसोली-पोखरी, द्वाराहाट-पोखरी, बसोलीखान-माण्डू, पोखरी-बैगनिया, मकडाऊ-दशौला, चलमोड़ी-गाढ़ा, थुवासिमल-बिमौला कुंजअरा, भुजान-पोखरी ग्रामीण मोटर मार्ग बाधित रहा।

दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार व टनकपुर की बसें संचालित नहीं हो सकीं 
लगातार बारिश के चलते अल्मोड़ा से रोडवेज की कई सेवाएं भी प्राभावित रहीं। सोमवार को दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार व टनकपुर की बसें संचालित नहीं हो सकीं। रोडवेज के एआरएम विजय तिवारी ने बताया कि इस बीच बारिश से पड़े प्रभाव के कारण अकेले अल्मोड़ा डिपो को रोजाना 80 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान है। इधर, केमू के इंचार्ज बीसी चंदोला ने बताया कि मार्ग अवरुद्ध होने से तीन दिन से रामनगर जाने वाली बसें रद्द हैं और हल्द्वानी के लिए बसें संचालित हैं, मगर खैरना रूट बाधित होने से बसों को रामगढ़ रूट से चलाया जा रहा है। इस कारण यात्रियों को हल्द्वानी जाने के लिए 23 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ है।

11 हजार केवी लाइन में पेड़ गिरा, आपूर्ति प्रभावित 
खराब मौसम और तेज बारिश के बीच सोमवार तड़के पांडखोला स्थित संपेक्षण गृह के समीप 11 हजार केवी लाइन में चीड़ का विशालकाय पेड़ गिर गया, जिससे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। तार टूटकर लोगों के आवासीय भवनों की छत पर गिर गए, हालांकि सुबह का वक्त होने से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन तार टूटने से पांडे खोला के बड़े हिस्से में दिन भर बिजली गुल रही। इससे लोग परेशान रहे। देर शाम तक बिजली लाइन को ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। 

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