बरेली: ईएसआईसी के 100 बेड अस्पताल का केंद्रीय मंत्री ने किया भूमि पूजन
अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड के पहले सौ बेड अस्पताल का भूमि पूजन श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संतोष कुमार गंगवार ने सीबीगंज स्थित इंडियन टर्पेन्टाइन एंड रेजिन कंपनी लिमिटेड (आईटीआर) फैक्ट्री की जमीन पर रविवार को हवन पूजन करके किया। करीब 15 साल से बंद पड़ी आईटीआर फैक्ट्री के बंगला नंबर 11 की 62.43 …
अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड के पहले सौ बेड अस्पताल का भूमि पूजन श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संतोष कुमार गंगवार ने सीबीगंज स्थित इंडियन टर्पेन्टाइन एंड रेजिन कंपनी लिमिटेड (आईटीआर) फैक्ट्री की जमीन पर रविवार को हवन पूजन करके किया। करीब 15 साल से बंद पड़ी आईटीआर फैक्ट्री के बंगला नंबर 11 की 62.43 करोड़ रुपये में खरीदी गई करीब 18920 वर्ग मीटर जमीन को ईएसआईसी अस्पताल के नाम शनिवार को किया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत हवन पूजन से की गई। इसके बाद दीप केंद्रीय मंत्री ने प्रज्ज्वलित किया। इसके बाद वहां पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि सुनने में आ रहा था कि जहां नए उद्योग आ नहीं रहे हैं, वहीं पुराने उद्योग भी बंद हो रहे हैं लेकिन लोगों को अब भरोसा हो रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सरकार में ही विकास कार्य संभव होंगे। सभी सुविधाओं से लैस ईएसआईसी के 100 बेड अस्पताल से सभी को न्यूनतम मूल्यों पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगीं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में केंद्र और राज्य सरकार ने सक्रियता से काम किया। करीब चार सौ से साढ़े चार सौ जिलों में ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि यह सुविधा सभी को दी जाए। इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि अवकाश के दिन रजिस्ट्री कराना यह दर्शाता है कि प्रशासन भी इसमें रुचि ले रहा है। उन्होंने कहा कि एक से डेढ़ माह बाद जब शिलान्यास हो तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उसका शुभारंभ करें। उन्होंने आईटीआर फैक्ट्री के कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह उन लोगों की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए हमेशा तैयार हैं।
कार्यक्रम में पहुंचे आईटीआर कंपनी के प्रबंध निदेशक व मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने कहा कि भूमि पूजन के साथ ही बड़ी परियोजना शुरू हो गई है। इसका श्रेय केंद्रीय मंत्री को जाता है। इससे आईटीआर के बकाया पूरे हो जाएंगे। शेष जमीन पर फर्नीचर पार्क, फैक्ट्री और श्रमिकों के लिए उद्योग लगाए जाएंगे। वहीं, ईएसआईसी के मेडिकल कमिश्नर डॉ. आरके कटारिया ने कहा कि ईएसआईसी देश के करीब साढ़े तीन करोड़ लोगों को चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान ईएसआईसी के 23 अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए सुविधाएं दी हैं।
महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि बरेली में 50 हजार से ज्यादा बीमित व्यक्ति हैं, जिन्हें ईएसआईसी का 100 बेड अस्पताल खोले जाने से फायदा पहुंचेगा। इससे परसाखेड़ा के लोगों को भी फायदा होगा। शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने इस सौ बेड के अस्पताल के खुलने से आमजन को भी राहत मिलेगी। अब दिल्ली-लखनऊ की जगह केवल ईएसआईसी अस्पताल सीबीगंज आना पड़ेगा। मीरगंज क्षेत्र के विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने कहा कि यह अस्पताल सीबीगंज के लिए ही नहीं बल्कि बरेली मंडल के लिए सौगात है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अभिभावक बताते हुए उनके इस कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन भाजपा के वरिष्ठ गुलशन आनंद ने किया।
इस मौके पर जिलाधिकारी नितीश कुमार, आईएमए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. विमल भारद्वाज, उत्तर प्रदेश चिकित्सा आयोग के सदस्य डा. प्रमेंद्र माहेश्वरी, पार्षद ऊषा उपाध्याय, ज्ञान प्रकाश लोधी, पूरनलाल लोधी, केंद्रीय मंत्री ओएसडी रमेश जैन, ईएसआईसी के चिकित्सा अधीक्षक चरनजीत सिंह, चिकित्सा अधीक्षक श्रीनिवासा मूर्ति, डिप्टी डायरेक्टर प्रणव कुमार, डिप्टी डायरेक्टर सुनील यादव, डिप्टी डायरेक्टर हरिओम प्रकाश, रीजनल डायरेक्टर निरंजन कुमार आदि मौजूद रहे।
आधुनिक सुविधाओं से पूर्ण होगा ईएसआईसी का 100 बेड अस्पताल
ईएसआईसी के प्रस्तावित 100 बेड अस्पताल के भवन आधुनिक सुविधाओं से पूर्ण होगा। इस परियोजना की कुल लागत 90 करोड़ रुपये है। इस अस्पताल में माइनर ओटी, किचन, आईसोलेशन रूम, रिसस्सीटेशन रूम, कैजुल्टी वार्ड, सीएमओ कक्ष, फ्रैक्चर क्लीनिक, एक्सरे, ईसीजी, सैंपल कलेक्शन, रेडियोलॉजिस्ट कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, उपचार कक्ष, ओपीडी, मेडिकल स्टोर, ओटी, स्टोर रूम, प्रसव वार्ड एवं कॉम्प्लेक्स आदि सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही योगा कक्ष, होम्योपैथी एवं आयुर्वेदिक ओपीडी कर सुविधाएं भी दी जाएंगी।
