बहराइच में बाढ़ से हाहाकर: बाढ़ के पानी में फंसे सैकड़ों ग्रामीण, NDRF ने 63 को निकाला, रेस्क्यू जारी

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Edited By Amrit Vichar
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डीएम के साथ एसडीएम और तीन थानों की पुलिस मौके पर मौजूद

बहराइच, अमृत विचार। नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते एक बार फिर से बहराइच जिले में जंगल से सटे गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई। जिसके चलते चहलवा गांव के करीब सैकड़ो ग्रामीण पानी के बीच फंस गए हैं। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने करीब 63 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जबकि अन्य को निकालने के लिए टीम लगी हुई है।

जिले में लगभग पांच दिन से बारिश नहीं हो रही है। लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते वहां से पानी छोड़ा जा रहा है। जिसका वजह से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को नेपाल की ओर से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसके चलते सरयू और घाघरा नदी का पानी बढ़ गया।

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वहीं जिले के तहसील मोतीपुर के ग्राम पंचायत चहलवा और कुडकुड़ी कुआं के लोग खेती के लिए नदी के उस पार शुक्रवार शाम को गए। शाम सात बजे के आसपास पानी अधिक होने के चलते सभी सरयू नदी के टापू पर ही फंस गए। खेत के दोनों तरफ काफी मात्रा में पानी आ गया। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान प्रीतम निषाद ने एसडीएम को दी।

एसडीएम संजय कुमार, थानाध्यक्ष सुजौली सौरभ सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के चलते एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई। मुर्तिहा और मोतीपुर थानाध्यक्ष भी पूरी फोर्स के साथ पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम ने रात में ही 63 लोगों का रेस्क्यू किया। जबकि अन्य लोग फंसे हुए हैं। सुबह तीन बजे जिलाधिकारी मोनिका रानी भी पहुंची। जिलाधिकारी ने खेत में नदी के बीच फंसे लोगों को बाहर निकालने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि शेष अन्य लोगों बाहर सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास किया जा रहा है।

एनडीआरएफ के जवान भी फंसे

शुक्रवार रात को एनडीआरएफ जवानों द्वारा मोटर बोट से फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा था। दो सिफ्ट लोगों को बाहर निकाला गया। तीसरा चक्कर लगाने के दौरान मोटर बोट का इंजन रेत में पंखा टूटने से खराब हो गया। जिसके चलते एनडीआरएफ जवान भी फंस गए। दूसरी टीम को सुबह फिर बुलाकर अभियान चलाया जा रहा है।

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