Kanpur: शिक्षिका ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत के लिए मेरे खुद के कर्म जिम्मेदार...
कानपुर, अमृत विचार। बिधनू निहालपुर गांव में मंगलवार दोपहर घर में अकेली शिक्षिका ने पंखे के कुंडे के सहारे साड़ी के फंदे से फांसी लगा ली। घटना के समय मजदूर पति बच्चों को लेने स्कूल गया हुआ था। घर लौटे पति ने परिजनों की मदद से शव को फंदे से नीचे उतारकर जीवित होने की उम्मीद पर नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है।
निहालपुर निवासी मजदूर संतोष राजपूत की 40 वर्षीय पत्नी प्रियंका रमईपुर स्थित एक इंटर कालेज में शिक्षिका थी। बीते तीन दिनों से वह पति की बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल नहीं जा रही थी। पति संतोष ने बताया कि कई दिनों से प्रियंका गुमसुम सी थी। मंगलवार दोपहर वह 12 वर्षीय बेटे शिवा व 8 वर्षीय शिवम को स्कूल से लेने गए हुए थे। बच्चों को लेकर घर लौटे तो कमरे में प्रियंका साड़ी के फंदे पर लटकी हुई थी।
जीवित होने की उम्मीद पर पड़ोसियों की मदद से फंदा खोलकर प्रियंका को पास के नर्सिंगहोम ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें प्रियंका ने लिखा था कि मेरी मौत का कोई और जिम्मेदार नहीं है, बल्कि मेरे खुद के कर्म जिम्मेदार है। जिसपर मेरे पति को परेशान न किया जाए। घटना की जानकारी पर पड़ोसी गांव औंधा निवासी पिता पच्चू बेटी का शव देख गश खाकर गिर पड़े। थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
