प्रयागराज : सार्वजनिक पार्क में मंदिर के अवैध निर्माण मामले में मुरादाबाद के डीएम से मांगा जवाब
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुरादाबाद जिले के बुद्ध विहार मझोला में आवास विकास परिषद के सार्वजनिक उद्यान (पार्क) में एक मंदिर के अवैध निर्माण के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान मुरादाबाद के जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों को स्पष्ट करते हुए सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि प्राधिकरणों द्वारा माप लिया गया है, जिसमें ले आउट के अनुसार कुल क्षेत्रफल 18.161 हेक्टेयर है, जिसमें पार्क/हरित क्षेत्र 2.652 हेक्टेयर है, जो संरक्षित है और संबंधित मंदिर 2.652 हेक्टेयर के उक्त हरित क्षेत्र/पार्क में बाधा नहीं डाल रहा है।
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद और राजस्व विभाग की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जारी निर्देश स्पष्ट रूप से केवल यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उचित है कि मंदिर का आपत्तिजनक निर्माण वर्तमान जनहित याचिका से बाहर कर दिया जाए। कोर्ट ने यह भी पाया कि आपत्तिजनक निर्माण एक अतिक्रमण है और विपक्षी ने उक्त निर्माण को ध्वस्त करने के उद्देश्य से पुलिस की सहायता मांगी है। कोर्ट ने तथ्यों पर विचार करते हुए मामले को 9 सितंबर 2024 के लिए सूचीबद्ध कर जिला मजिस्ट्रेट मुरादाबाद को एक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जिसमें अन्य बातों के साथ विवादित निर्माण की स्थिति का उल्लेख हो, चाहे वह अतिक्रमण हो या कानूनी निर्माण हो।
उक्त आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने नीरज कुमार त्यागी नाम के व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। दरअसल याची का आरोप है कि कुछ लोग आवास विकास कालोनी के सार्वजनिक पार्क में एक मंदिर का अवैध निर्माण कर रहे हैं। जब यह मामला आवास विकास के कार्यकारी अभियंता के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने अवर अभियंता को घटनास्थल पर भेजा, जिन्होंने निर्माण करा रहे लोगों को निर्माण कार्य बंद करने के लिए कहा, लेकिन निर्माण कार्य नहीं रुका। इसके बाद, कार्यकारी अभियंता ने मझोला के थाना प्रभारी से संपर्क किया। हालांकि, जब कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखा, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके बाद याची ने कोर्ट से हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को उचित कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
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