बाराबंकी: आदेश हवाहवाई, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र को भटक रहे ग्रामीण

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रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार। केंद्र व प्रदेश की सरकार किसानों एवं जनमानस के लिए तरह-तरह की योजनाएं व आदेश जारी किया करती है, लेकिन कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उन आदेशों का पालन न करके जनता को  इधर से उधर दौड़ाने का काम किया जाता है।

9 अप्रैल 2024 को डीपीआरओ ने समस्त सहायक विकास अधिकारियों को निर्देशित किया था कि सभी पंचायत सचिवों को एक सप्ताह के अंदर मूल दस्तावेज परिवार रजिस्टर का अध्ययन कराया जाए, लेकिन लगभग पांच माह‌ बीतने को है ब्लॉक बनीकोडर में ग्राम पंचायत सचिव द्वारा किसी भी गांव का परिवार रजिस्टर अध्ययन नहीं किया गया । जिससे आमजन किसानों को एक नाम घटाने व बढ़ाने के लिए ब्लॉक से तहसील तक बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं व एफिडेविट शपथ पत्र देने पड़ता है । जो एक फिजूल खर्ची है।

जन्म व मृत्यु के लिए लोगों को काफी दौड़ना व भटकना पड़ता है। कई ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत सचिव का स्थानांतरण हो जाने के कारण वहां पर परिवार रजिस्टर में जन्म व मृत्यु का पंजीयन करना बहुत ही टेढ़ी खीर बन गया है। शासन का निर्देश है कि 21 दिन के अंदर जन्म व मृत्यु का पंजीयन कराया जाए लेकिन जहां चार-चार महीने पंचायत सचिव नहीं रहता है, वहां पर तो आमजन किसानों को बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है । लोगों को काफी दौड़ने के बाद भी जन्म व मृत्यु का पंजीयन परिवार रजिस्टर पर नहीं हो पा रहा है। एडीओ पंचायत बनीकोडर शैलेंद्र दुबे ने कहा कि अभी में जल्द ही स्थानांतरण होकर आया हूं जिसकी जानकारी मुझे नहीं है।

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