उल्टे पैर लौट गए फरियादी : चपरासी छोड़, सीडीपीओ समेत आठ कर्मचारी कार्यालय से गायब
सतरिख/ बाराबंकी, अमृत विचार। बाल विकास परियोजना अधिकारी का कार्यालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रहा है। यहां पर तैनात अफसर से लेकर सुपरवाइजर तक सभी गायब मिले। कार्यालय में अफसर की कुर्सी खाली पड़ी हुई मिली। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जरूरतमंदों को विभागीय योजनाआों का लाभ कैसे दिया जाता होगा।
हरख ब्लाॅक स्थित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में सोमवार को सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर जब अमृत विचार की टीम पहुंची तो यहां पर अफसर से लेकर सुपरवाइजर और लिपिक तक कार्यालय नहीं पहुंचे हुए थे। मात्र एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी कार्यालय खोल कर बैठे हुए थे। बाल विकास परियोजना अधिकारी हरख कार्यालय में सुपरवाइजर शशि सिंह, पाराधिकारी, लक्ष्मीदेवी, राजकुमारी, सीमा, नीलम वर्मा तथा शीला की तैनाती है। इसके अलावा रंजना वर्मा लिपिक के पद पर तैनात है। कार्यालय तो खुला हुआ था लेकिन यह सब लोग गायब थे और कुर्सीयां खाली पड़ी हुई थीं। सीडीपीओ इंदुलता यादव भी गयाब थीं और उनकी भी कुर्सी खाली पड़ी हुई थी।
चतुर्थ श्रेणी कर्मी लायक राम कार्यालय में बैठे हुए थे। वहीं कार्यालय में बंदगीपुर पंचायत निवासी एमपी सिंह कुछ कार्य से सीडीपीओ से मिलने कार्यालय आए हुए थे, लेकिन किसी से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इंतजार करने के बाद वह वापस लौट गए। उनका कहना था कि इस कार्यालय के अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेश को भी नहीं मान रहे हैं। इसीलिए समय से कार्यालय नहीं आते। सीडीपीओ इंदुलता यादव का कहना है कि कार्यालय खुला है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद है। हम भी पहुंच रहे हैं। वहीं डीपीओ अखिलेंद्र दुबे से बात करने पर उन्होंने कहा कि कार्यालय समय से न पहुंचने के मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही पर जवाब-तलब किया जाएगा।
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