बरेली: शहीदों के परिजनों के काम सरकारी कार्यालयों में न रहें लंबित, यही सच्ची श्रद्धांजलि
सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में शान से मनाया जश्न-ए-आजादी
बरेली, अमृत विचार। जिले में गुरुवार को जश्न-ए-आजादी की धूम देखने को मिली। जगह-जगह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। तो वहीं सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में ध्वजारोहण किया गया। कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने तो रिजर्व पुलिस लाइन में एसएसपी अनुराग आर्य ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कलेक्ट्रेट में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को शाल ओढ़ाकर किया सम्मानित किया गया जबकि पुलिस लाइन में सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान हुआ।
78 वें जश्न-ए-आजादी के मौके पर डीएम ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों का कोई भी काम किसी सरकारी कार्यालय में लंबित न रहे, यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि अगर किसी घर, दुकान में लगा तिरंगा फटा, टेढ़ा, गंदा मटमैला या झुक गया हो तो उसका वीडियो न बनायें बल्कि संबंधित को इस बारे में बताएं। राष्ट्रीध्वज का सम्मान करना हम सबकी की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार पुरानी जेल स्थित शहीद-ए-वतन खान बहादुर खान शहीद स्थल भी गए और खान बहादुर खान की मजार पर चादरपोशी की। कलेक्ट्रेट पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सूबेदार खान के परिजनों महरून निशा, सलीम खां, इशहाक खां, नवाब खान बहादुर खान के परिजन नवाब लियाकत अली खान, प्रताप चन्द आजाद की पुत्रवधु किरन आजाद, अब्दुल रउफ के परिजन असद महमूद, नरेन्द्र नारायण जौहरी के परिजन विमल कुमार जौहरी, कृष्ण मुरारी असद के परिजन उर्मिला असद, राम विलास उर्फ बाबा रामप्रिय दास के परिजन शालिनी मिश्रा, उमाकांत मिश्रा, झम्मन लाल के परिजन अजय भारत, मौलाना अब्दुल रउफ खां के परिजन असद अहमद, रौशन मसीह चरन के परिजन डॉ. जॉनसन चरन को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
