हल्द्वानी: तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में पुलिस की आनाकानी से वन क्षेत्राधिकारियों में गुस्सा

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। वन क्षेत्राधिकारी संघ ने पीपल पड़ाव रेंज कांड के  तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में पुलिस की हीलाहवाली पर गहरी नाराजगी जताई है। संघ ने एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी और रेंज स्तर पर कर्मचारियों को शस्र उपलब्ध कराने की मांग की है।

संघ की एक आपात बैठक शनिवार को हीरा नगर स्थित गौला वन रेंज परिसर में हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि बीती 6 सितंबर को तराई केंद्रीय वन डिवीजन की पीपल पड़ाव रेंज में लकड़ी तस्करों से वन टीम की झड़प हुई थी। इस मुठभेड़ में 30 राउंड से अधिक फायरिंग हुई। वन तस्कर बेखौफ होकर वन कर्मचारियों पर जानलेवा हमले कर रहे हैं। वन कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना ही वन संपदा बचा रहे हैं।

इसके बावजूद इन घटनाओं पर पुलिस, वन विभाग गंभीरता से नहीं ले रहा है। वन कर्मचारियों की  तहरीर पर पुलिस माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है। यदि जल्द ही तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा।

इस अवसर पर संघ के प्रदेश महामंत्री नवीन पंवार ने फोन पर कुमाऊं के मुख्य वन संरक्षक डॉ. धीरज पांडेय से वार्ता की और इस विषय में वार्ता की। तब डॉ. पांडेय ने ऊधम सिंह नगर एसएसपी से वार्ता कर तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आश्वसन दिया। साथ ही कहा कि जल्द ही रेंज स्तर पर कर्मचारियों को भी शस्र मुहैया कराए जाएंगे।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री  महेंद्र सिंह रैकुनी, संरक्षक चंदन सिंह अधिकारी, कोषाध्यक्ष  प्रदीप पंत, उपाध्यक्ष महेश जोशी, विधि मंत्री घनानंद चनियाल, मंत्री नवीन रौतेला आदि मौजूद रहे। 

 

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