बरेली: नगर निगम की 256 खुली भूमि के किराये को लेकर हंगामा

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बरेली, अमृत विचार। कई दिनों से नगर निगम की सामान्य कार्यकारिणी की बैठक को लेकर चला आ रहा विरोध मंगलवार को समाप्त हो गया। शोरगुल और तीखी बहस के बीच एजेंडा अनुमोदित करते हुए बोर्ड की बैठक के लिए पास कर दिया गया। कार्यकारिणी की बैठक में पार्षदों ने बड़ा खुलासा किया है। निगम की …

बरेली, अमृत विचार। कई दिनों से नगर निगम की सामान्य कार्यकारिणी की बैठक को लेकर चला आ रहा विरोध मंगलवार को समाप्त हो गया। शोरगुल और तीखी बहस के बीच एजेंडा अनुमोदित करते हुए बोर्ड की बैठक के लिए पास कर दिया गया।

कार्यकारिणी की बैठक में पार्षदों ने बड़ा खुलासा किया है। निगम की 256 खुली भूमि का किराया वर्षों से राजकोष में न जमा कर किसी के जेब में भरा जा रहा है। यूनिपोल के नाम पर हो रहे खेल के खिलाफ पार्षदों सदन में मोर्चा खोल दिया।

विज्ञापन प्रभारी ज्ञानचंद जवाब देने के लिए खड़े हुए तो उनके बेतुके बोल से हंगामा खड़ा हो गया। कुछ देर तक बैठक में हल्ला, हंगामा होते देख मेयर डा. उमेश गौतम को हस्तक्षेप करना पड़ा। मेयर को भी गुस्सा आ गया और उन्होंने पटल बदलने का आदेश दिया। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने पार्षदों के अपमान की बात कहने वाले विज्ञापन प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

सभागार में सामान्य कार्यकारिणी के पार्षदों की बैठक तीन घंटे तक चली। इसमें सपा के पार्षदों ने बैठक में सबसे पहले एजेंडे में शामिल प्रस्तावों के बारे में जानकारी मांगी और कहा कि बोर्ड के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी न की जाए। इस पर जिस प्रस्ताव का विरोध था, उसके बारे में बताया गया कि कोई चर्चा नहीं होनी है।

कार्यकारिणी को केवल अनुमोदन का अधिकार है। इसके बाद प्रस्ताव बोर्ड से पास कराया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की अनदेखी नहीं की जा रही है। इस पर विरोध कर रहे पार्षद मान गए और एजेंडे के सभी प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी। पार्षदों द्वारा दिए गए नए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एजेंडे के 11 प्रस्ताव कार्यकारिणी के समक्ष रखे गए।

इसके बाद सदन में आठ प्रस्ताव (जिन्हें लेकर कई दिनों से विरोध किया जा रहा था) बिना चर्चा के बोर्ड की बैठक के लिए अनुमोदित कर दिए गए। इसके अलावा पार्षद मुनेंद्र ने शांति विहार में नगर निगम भूमि पर पार्क बनाने का प्रस्ताव दिया जिसके निर्माण की मंजूरी दे दी गई। खड़ौआ में सड़क निर्माण, विकास कार्य, ब्रह्मपुरा दुकान का किराया बढ़ाने के लिए विचार किया गया।

इस दौरान मार्च, अप्रैल व मई का आय-व्यय भी सदन को बताया गया। इस दौरान उप सभापति छंगामल मौर्य, सुधा शर्मा, मुनेंद्र सिंह, शशि सक्सेना, अजय सिंह चौहान, रईस मियां अब्बासी, महलका कुरैशी, मुकेश सिंघल, संजय राय, जुबैदा बी, अफरोज मुकेश मेहरोत्रा मौजूद रहे।

256 खुली भूमि किराये के गोलमाल की जांच को बनी कमेटी
कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा हो या सपा के पार्षद मंगलवार को बैठक में आक्रामक दिखे। गोलमाल करने में माहिर नगर निगम के मठाधीशों की पोल खोलते रहे। सबसे बड़ा खुलासा तो यह हुआ कि नगर निगम की भूमि का किराया जेब में रखने का कार्य कई सालों से किया जा रहा है।

निगम के पास 256 खुली भूमि है जिसका नियमानुसार हर साल किराया वसूल कर राजकोष में जमा होना चाहिए लेकिन महज 31 लोग ही खुली भूमि का किराया जमा कर रहे हैं। इनसे तीन सौ से पांच हजार रुपये किराया के रूप में वसूले जा रहे हैं। इसे लेकर पार्षद आरोप लगाते रहे कि निगम के कुछ जिम्मेदार अफसर वसूली करा रहे और सदन में शोरगुल होने लगा।

राज खुलने पर मेयर ने सख्त कदम उठाते हुए सदन में ही कमेटी गठित की। इस कमेटी में उपसभापति छंगामल मौर्य, रईस मियां अब्बासी, मुकेश मेहरोत्रा व कर अधीक्षक को नामित किया गया है। इसके प्रभारी अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह होंगे।

अतिक्रमण की शिकायतों का भरमार
कार्यकारिणी के पार्षदों ने प्रस्ताव देकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा। इसमें मुकेश सिंघल ने रामा पंसारी की दुकान के पास नाले पर अवैध कब्जा कर दुकान लगाने की शिकायत की। उन्होंने आजाद इंटर कालेज के निकट निगम के बाजार की दुकानों के बरामदे में काफी दिनों से हुए अतिक्रमण की शिकायत की।

पार्षद अजय चौहान ने सत्या पेट्रोल पंप के पास की भूमि, माडल टाउन के सामने अस्पताल के पास की भूमि कब्जे को हटाने का प्रस्ताव दिया। पार्षद संजय राय ने कोहड़ापीर के पास निगम की भूमि अतिक्रमण हटाने के लिए प्रस्ताव दिया। इस पर मेयर ने अतिक्रमण हटाने के प्रभारी को 10 दिन के भीतर अतिक्रमण हटा कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया।

साइकिल की बात गुस्से में सपा पार्षद
शहर में बने साइकिल ट्रैक को तोड़े जाने की बात जब बैठक में बात आई तो सपा के पार्षद रईस मियां अब्बासी समेत सभी सपा पार्षद गुस्से में आकर सदन में हंगामा करने लगे। पार्षदों ने कहा कि लाखों रुपये खर्च कर बीडीए ने साइकिल ट्रैक बनाया है तो नगर निगम का क्या अधिकार है तोड़ने का, इस पूरे मामले को बीडीए को सौंपा जाए। इस पर मेयर ने कहा कि यह मामला बीडीए का है। इस पर पार्षदों का गुस्सा शांत हो गया।

यूनिपोल को लेकर मिलीभगत का खेल
उपसभापति छंगामल मौर्य, सलीम पटवारी ने तो कार्यकारिणी की बैठक में विज्ञापन प्रभारी और एजेंसी दोनों की मिलीभगत का खेल उजागर कर दिया। कुछ देर के लिए तो सदन शांत होकर दोनों के बीच कुछ दिन पहले यूनिपोल को लेकर हुई बातचीत का ऑडियो मेयर और नगर आयुक्त सुनते रहे। पार्षदों को लेकर अपशब्द कहे जा रहे थे तो विज्ञापन प्रभारी इसमें हामीभर रहे थे। पार्षद मुकेश मेहरोत्रा द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल की बातचीत सुनते मेयर का पारा चढ़ गया। उन्होंने विज्ञापन प्रभारी की जमकर क्लास ली।

एजेंडा के ये बिंदु अग्रसारित

  • नगर निगम बरेली में टॉवर स्थापना नियंत्रण एवं विनियमन उप विधि पर विचार एवं निर्णय
  • विज्ञापनों का विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञप्ति शुल्क निर्धारण और वसूली उपविधि
  • नगर निगम बरेली में कर निर्धारण सूची में परिवर्तन को नियमानुसार उप विधि पर विचार एवं निर्णय

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