यूपी में रेशम उद्योग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं, यूपीवासियों को मिलेगा रोजगार: योगी

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचारः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में रेशम उद्योग के क्षेत्र में अपार संभावनायें और प्रचुर संसाधन है जिसकी बदौलत यह राज्य भारत को रेडिमेट गारमेंट्स के क्षेत्र में दुनिया में अहम स्थान दिला सकता है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो के उदघाटन के अवसर पर श्री योगी ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट्स के क्षेत्र में दुनिया के छोटे-छोटे देशों की धमक है। जिन लोगों के पास संसाधन कम और संभावनाएं न के बराबर हैं, वे आगे बढ़ चुके हैं। हमारे पास संभावना और संसाधन भी है। काम चाहने वाली आधी आबादी के बड़े तबके को रेशम उत्पादन, प्रोसेसिंग, रेडिमेड गारमेंट, डिजाइनिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग के साथ जोड़ लें तो दुनिया में रेडिमेड गारमेंट में धमक बनाने वाले देशों का स्थान उत्तर प्रदेश व भारत ले सकता है। इस संभावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ लेना चाहिए।

'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट'
उन्होंने कहा कि हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। एक समय वह जरूर आ सकता है, जब यूपी का किसान रेशम उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा। सीएम योगी आगे कहा कि 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश ने परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने परंपरागत उत्पाद के लिए पॉलिसी बनाई। 75 जनपदों के लिए वहां के एक उत्पाद को चिह्नित करते हुए आगे बढ़ाया। यही कारण है कि 75 जनपद का यूनिक प्रोडक्ट है, जिसे हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट कहा। ओडीपीओपी को सरकार ने मार्केट, डिजाइनिंग, पैकेजिंग से जोड़ा तो इससे रोजगार का सृजन हुआ और परंपरागत उत्पादों का एक्सपोर्ट भी प्रारंभ हुआ। यूपी के 75 जनपदों में 75 जीआई प्रोडक्ट हैं, जिन्हें देश के अंदर मान्यता प्राप्त हुई है। यह संभावना यूपी में हैं। वाराणसी, भदोही व मुबारकपुर की साड़ियों के माध्यम से भी यूपी के पोटेंशियल को बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है। सिल्क एक्सपो इस फील्ड में यूपी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बने, इस पर हमें प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान का नारा सदैव से प्रचलित रहा है।

Silk Industry

यूपीवासियों को मिलेगा रोजगार
जीव सृष्टि व किसी भी व्यक्ति के लिए हवा-पानी तो आवश्यक है ही, लेकिन रोटी, कपड़ा, मकान भी आवश्यक है। कपड़ा न सिर्फ जीवन की आवश्यकता है, बल्कि किसानों की आमदनी बढा़ने के साथ ही रोजगार सृजन का भी सशक्त माध्यम भी है। रेशम, प्राचीन काल से ही इसकी अलग-अलग पद्धतियां रही हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में इस फील्ड में अनेक संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। उप्र ने पिछले कुछ समय में प्रगति की है। पहले की तुलना में यह संतोषजनक है, लेकिन अभी उप्र जैसे बड़े राज्य की दृष्टि से यह अपर्याप्त है। यहां अत्यंत संभावनाएं हैं।

योगी ने कहा कि सभी को देखना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के अंदर क्या संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी में वाराणसी-भदोही, आजमगढ़ से लेकर वाराणसी तक, चाहे वह मुबारकपुर की साड़ी हो या वाराणसी की। सिल्क कलस्टर विकसित करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाया है। वाराणसी की सिल्क साड़ियां पूरे देश में हर मांगलिक कार्यक्रम के लिए पसंद बनती हैं। काशी विश्वनाथ धाम बढ़ने के बाद श्रद्धालुओं व पर्यटकों की बढ़ी संख्या ने इस व्यापार को नई ऊंचाई दी है। वाराणसी में एक्सपो मार्ट के माध्यम से ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर बनने के उपरांत इसमें काफी वृद्धि हुई है।

Silk Industry

उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के मुबारकपुर के साड़ी उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मीरजापुर, वाराणसी व भदोही के सिल्क कलस्टर की प्रगति को देखकर लगता है कि इसमें बहुत गुंजाइश है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ-हरदोई बार्डर पर पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल्स पार्क का वृहद रूप) आने जा रहा है। एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में इसमें टेक्सटाइल्स से जुड़े अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं। यह उप्र की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का माध्यम है, लेकिन रॉ मटेरियल हमें ही तैयार करना होगा। किसान यदि इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चल रही हैं। विभाग इन योजनाओं के बारे में हर जनपद में संगोष्ठी, सेमिनार, प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद करे और प्रोसेसिंग-ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़े। केवल गोरखपुर मंडल ही नहीं, वाराणसी, मीरजापुर, लखनऊ, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़ में भी संभावनाएं बढ़ेंगी।

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