हल्द्वानी: नए रोजगार सृजन में त्रिवेंद्र सरकार तो मोदी से भी फिसड्डी: हरीश रावत
हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बेरोजगारी, जीडीपी और घोटालों पर मोदी और त्रिवेंद्र सरकार के खिलाफ हमला बोला। रावत ने कहा कि नए रोजगार पैदा करने में त्रिवेंद्र सरकार तो मोदी सरकार से भी फिसड्डी है। रावत ने कहा कि मोदी सरकार के तीन फैसले नोटबंदी, जीएसटी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बेरोजगारी, जीडीपी और घोटालों पर मोदी और त्रिवेंद्र सरकार के खिलाफ हमला बोला। रावत ने कहा कि नए रोजगार पैदा करने में त्रिवेंद्र सरकार तो मोदी सरकार से भी फिसड्डी है। रावत ने कहा कि मोदी सरकार के तीन फैसले नोटबंदी, जीएसटी और तालाबंदी देश के लिए अभिशाप साबित हुए हैं।
नोटबंदी से गरीब और गरीब जबकि अमीर और अमीर बना है। इनकी वजह से जीडीपी घटकर -23.3 फीसदी हो चुकी है और करोड़ों लोग बेरोजगार हुए है। इन सबसे सिर्फ अडानी, अंबानी को फायदा हुआ है। मोदी सरकार बनने के बाद अंबानी की संपत्ति में 700 फीसदी का इजाफा हुआ है।
रावत ने तंज कसा कि नए रोजगार के अवसर बनाने में मोदी सरकार तो नाकाम है लेकिन त्रिवेंद्र सरकार तो मोदी सरकार से भी फिसड्डी है। इस दौरान खजान पांडे, दीपक बल्यूटिया, ललित जोशी, संजय किरौला आदि मौजूद थे।
कर्मकार कल्याण बोर्ड में हुआ 400 करोड़ का घोटाला
पूर्व सीएम रावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय गठित कर्मकार कल्याणकार बोर्ड में 400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इस रकम से लाखों गरीब मजदूरों को साइकिल, बच्चों की शिक्षा की छात्रवृत्ति और शादी ब्याह के लिए आर्थिक मदद देनी चाहिए थी। लेकिन इस रकम पर डाका डाला गया है। इस घोटाले में नई नवेली पार्टी भी शामिल हो गई है। उन्होंने भाजपा की प्रदेश सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र जिस एजेंसी से भी चाहे सीबीआई, एसआईटी या न्यायिक जांच कराले ताकि घोटाले का खुलासा हो सके।
आईएएस षणुगम की रिपोर्ट की जाए सार्वजनिक
पूर्व सीएम रावत ने कहा कि ऊर्जा सचिव मनीषा पंवार ने आईएएस वी षणुगम प्रकरण में जांच पूरी कर ली है। इसकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। इसी तरह उन्होंने एक विभाग का नाम लिए बिना कहा कि एक मंत्री ने विभाग में घोटाला होने का आरोप लगाया जबकि विभागीय अफसरों का दावा है कि घोटाला रोकने को निविदाएं की गई है। इसलिए इस प्रकरण की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
