बरेली: डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मां-बाप की हुई ‘मुस्कान’

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बरेली, अमृत विचार। डीएनए की रिपोर्ट की वजह से एक मासूम बच्ची को उसका हक मिल गया है। करीब डेढ़ साल से भी अधिक समय के बाद सीडब्ल्यूसी के कड़े रूख के बाद मंगलवार को मासूम मुस्कान को ममता का आंचल मिला। दरअसल, अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मां ने अस्पताल प्रबंधन पर …

बरेली, अमृत विचार। डीएनए की रिपोर्ट की वजह से एक मासूम बच्ची को उसका हक मिल गया है। करीब डेढ़ साल से भी अधिक समय के बाद सीडब्ल्यूसी के कड़े रूख के बाद मंगलवार को मासूम मुस्कान को ममता का आंचल मिला।

दरअसल, अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मां ने अस्पताल प्रबंधन पर बेटे की जगह बेटी देने का आरोप लगाते हुए बच्ची को लेने से मना कर दिया था। अस्पताल प्रबंधन के लाख समझाने के बाद भी माता-पिता बच्ची को ले जाने के लिए राजी नहीं हुए। इतना ही नहीं मुस्कान के माता-पिता ने थाने में एफआईआर भी करा दिया।

जब मामला कोर्ट पहुंचा तो परिजन और अस्पताल प्रबंधन के तर्क-वितर्क के बाद कोर्ट ने डीएनए टेस्ट कराने का आदेश किया। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट में मुस्कान के माता-पिता से संबंध पाए गए। सीडब्ल्यूसी के कड़े रुख के बाद माता-पिता ने मुस्कान को अपनाया।

रामपुर जिले के रास डंडिया निवासी होरीलाल की पत्नी ममता ने एक प्री-मेच्योर बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई। अस्पताल में नर्सरी न होने पर अस्पताल ने उसे बरेली रेफर कर दिया। इसके बाद 4 जून 2019 को मामला सीडब्ल्यूसी पहुंचा जिस पर 7 जून को आदेश दिया गया कि बच्ची की देखरेख अस्पताल में ही की जाए ताकि बच्ची स्वस्थ रह सके।

इसके बाद बच्ची के डीएनए टेस्ट का आदेश दिया। रिपोर्ट में बच्ची के मां-बाप होने की बात सामने आने पर मुस्कान के मां-बाप ने अस्पताल प्रबंधन से लिखित माफी मांग कर अपनी भूल को स्वीकार किया। डीएनए रिपोर्ट में साफ हो गया कि ममता और होरी लाल को ही मुस्कान के जैविक मां-बाप है।

कब क्या हुआ

  • 6 मई 2019 को प्रियदर्शनी नगर स्थित गुरुनानक अस्पताल में भर्ती हुई बच्ची
  • 27 मई 2019 को बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में मां-बाप ने किया हंगामा
  • 4 जून 2019 को मामला पहुंचा सीडब्ल्यूसी कोर्ट
  • 7 जून 2019 को सीडब्ल्यूसी कोर्ट ने दिए बच्ची को अस्पताल में रखने के आदेश
  • 20 मार्च 2020 को मुस्कान, ममता और होरीलाल का हुआ डीएनए टेस्ट
  • 19 अक्टूबर 2020 को प्रेमनगर थाना पहुंची डीएनए जांच की रिपोर्ट

मुस्कान को उसके मां-बाप ने स्वीकार कर लिया है। इसके लिए मुस्कान की मां ममता और बाप होरी लाल ने अस्पताल को लिखित माफीनामा दिया है। -डा. मनीत सलूजा, अस्पताल संचालक, गुरुनानक हॉस्पिटल

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