संभल हिंसा : इंटरनेट सेवा बाधित रहने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित, ऑनलाइन लेनदेन पर पूरी तरह से लगा हुआ है ब्रेक

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Edited By Amrit Vichar
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संभल, अमृत विचार। संभल में तीसरे दिन मंगलवार को भी इंटरनेट सेवा बाधित रहने की वजह से करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। न तो कारोबार ऑनलाइन रुपयों का लेनदेन कर पा रहे हैं और न ही आमजन ही जरूरी सामान खरीदकर ऑनलाइन ट्रांजक्शन कर पा रहा है। ऑनलाइन लेनदेन पर पूरी तरह से ब्रेक लगा हुआ है।

जिला प्रशासन के निर्देश पर रविवार को शाम से इंटरनेट सेवा बाधित हो गई थी। जिसके बाद सोमवार और फिर मंगलवार को भी इंटरनेट सेवा बाधित रही। इंटरनेट सेवा के बाधित रहने की वजह से करोड़ों के कारोबार प्रभावित हो गया है। ऑनलाइन लेनदेन पूरी तरह से ठप है। जरूरी सामान खरीदकर ऑनलाइन ट्रांजक्शन भी नहीं हो पा रहा है। कहीं जाने के लिए न तो ऑनलाइन बुकिंग हो पा रही है और न ही रुपयों का लेनदेन हो रहा है। एमसीएक्स कारोबार भी प्रभावित हुआ है। जिस कारण करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हो चुका है। अब व्यापारियों के साथ ही आमजन भी इंटरनेट सेवा के सुचारू कराने की मांग उठाने लगे हैं।

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इंटरनेट की पाबंदी एक दिन और बढ़ाई गई
जिला प्रशासन ने बवाल के बाद रविवार को शाम से इंटरनेट सेवा बाधित करा दी थी। सोमवार को इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बाधित रही तो उम्मीद थी कि मंगलवार को शाम इंटरनेट सेवा शुरू हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। शाम को भी इंटरनेट सेवा सुचारू नहीं हुई तो पता चला कि अब एक दिन और बढ़ा दिया गया है। बुधवार को शाम तक इंटरनेट सेवा बाधित रहेगी।

रोडवेज बसों में बढ़ी यात्रियों की संख्या
जहां सोमवार को रोडवेज बस अड्डा से मुरादाबाद के लिए रवाना होने वाली बसों में यात्रियों की संख्या बेहद कम नजर आई, वहीं मंगलवार को यात्रियों की संख्या में इजाफा नजर आया। मुरादाबाद के लिए जाने वाली बसों में लोगों ने सफर किया। कई बसों में 20 से 25 यात्रियों ने मुरादाबाद का सफर किया। जिससे परिवहन निगम की आमदनी भी बढ़ने लगी।

जिला अस्पताल में इलाज को पहुंचे 282 मरीज
बवाल होने के बाद लोग इलाज कराने की भी हिम्मत अभी नहीं जुटा पा रहे हैं। आलम यह है कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या घट चुकी है। मंगलवार को पंजीकरण कक्ष पर दोपहर 12 बजे ही सन्नाटे का माहौल बन गया। अस्पताल में सिर्फ 282 मरीज ही इलाज के लिए पहुंचे। जबकि अमूमन प्रत्येक दिन मरीजों की संख्या 800 से 1000 तक रहती थी और ओपीडी में डॉक्टरों को भी फुर्सत नहीं मिलती थी। सीएचसी में भी कम संख्या में ही मरीज दवा लेने के लिए पहुंचे।

इंटरनेट सेवाएं बाधित रहने से बैनामों पर लगा ब्रेक, लोग परेशान
जामा मस्जिद सर्वे को लेकर हुए बवाल के बाद इंटरनेट सेवाएं बाधित की गईं तो इसका असर रजिस्ट्री विभाग में बैनामों की प्रक्रिया पर पड़ गया। सोमवार की तरह मंगलवार को भी बैनामे नहीं हो सके। जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तमाम लोगों ने अधिवक्ताओं से संपर्क किया तो बैनामे नहीं होने की जानकारी मिलने पर निराश हुए। संभल रजिस्ट्री कार्यालय में प्रत्येक दिन जमीनों और मकानों की खरीद फरोख्त को लेकर 40 से 50 बैनामे होते हैं। ऐसे में 40 लाख रुपये से अधिक का स्टाम्प भी खरीदा जाता है। चूंकि बैनामे की प्रक्रिया ऑनलाइन है इसलिए संभल में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने के कारण बैनामों पर ब्रेक लग चुका है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी इंटरनेट सेवा ने साथ नहीं दिया तो बैनामे भी नहीं हो सके। 

इस बीच कुछ लोग बैनामा कराने के लिए अधिवक्ताओं के चैंबरों तक पहुंचे जबकि तमाम लोगों ने अधिवक्ताओं से फोन पर संपर्क किया। बैनामे नहीं होने का जवाब मिलने पर लोगों को परेशानी के साथ-साथ निराशा भी हुई। आंकलन के मुताबिक दो दिन में करीब 100 बैनामे नहीं होने की वजह से करीब 90 लाख रुपये की राजस्व क्षति भी हुई। वहीं अधिवक्ताओं के चैंबरों पर सन्नाटे का माहौल भी बना रहा। संभल बार एसोसिएशन संभल के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि इंटरनेट सेवा नहीं चलने के कारण बैनामे नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तमाम लोगों ने संपर्क किया लेकिन वह मायूस हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैनामे की प्रक्रिया ऑनलाइन है जो बिना इंटरनेट सेवा के नहीं हो सकती।

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