लखीमपुर खीरी: बढ़रिया में फिर माहौल खराब करने की कोशिश, दोबारा तोड़ी आंबेडकर की मूर्ति
हफ्ते भर में दूसरी बार हुई घटना, ग्रामीणों ने जमकर किया हंगामा
बेहजम, अमृत विचार। थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव बढ़रिया में तोड़ी गई आंबेडकर प्रतिमा को सात दिन भी नहीं बीत पाए थे कि अराजक तत्वों ने सही कराई गई इस प्रतिमा को फिर क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने खूब हंगामा किया। मौके पर एएसपी व एसडीएम मितौली ने किसी तरह से लोगों को शांत कराया और दूसरी प्रतिमा लगवाते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गांव बढरिया के दक्षिण स्थित अंबेडकर पार्क है, जिसमें बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित है। पहली दिसंबर की रात कुछ अराजक तत्वों ने आंबेडकर प्रतिमा का दाहिना हाथ तोड़ दिया था। इससे लोगों में भारी रोष व्याप्त हो गया था। मौके पर पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने राजगीर मिस्त्री को बुलाकर प्रतिमा को ठीक कराकर किसी तरह से लोगों को शांत कराया था। पुलिस ने गांव के ही शत्रुघ्न लाल की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की थी। सात दिन भी नहीं बीत पाए थे कि रविवार की रात आराजक तत्वों ने प्रतिमा को फिर निशाना बना डाला और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इसकी जानकारी जब लोगों को सुबह हुई तो ग्रामीण सन्न रह गए। बड़ी संख्या में आंबेडकर पार्क में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों में पुलिस के प्रति काफी आक्रोश था। नाराज ग्रामीण हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए। एएसपी नैपाल सिंह, एसडीएम मितौली विनीत उपाध्याय, सीओ मितौली शमशेर बहादुर सिंह, एसओ सुनीता कुशवाहा भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए किसी तरह से समझा बुझाकर शांत कराया। प्रशासन ने दोपहर करीब तीन बजे नई मूर्ति मंगवाई और उसे स्थापित कराया। तब जाकर लोग शांत हुए।
नीमगांव पुलिस पर भारी पड़ रहा रविवार
गांव बढ़रिया में पहली दिसंबर और आठ दिसंबर की रात प्रतिमा क्षतिग्रस्त की गई। खास बात यह है कि इन दोनों तारीखों में दिन रविवार रहा है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर अराजक तत्व रविवार की रात ही क्यों एक ही गांव, स्थान और मूर्ति को निशाना बनाकर गांव का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। आखिर आंबेडकर पार्क से उसे ऐसा क्या बैर है जो वह उसी पार्क को ही निशाना बना रहा है।
सवाल: आखिर क्यों तोड़ रहा दाहिना हाथ
गांव बढ़रिया में पहली दिसंबर की रात अराजकतत्वों ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का दाहिना हाथ तोड़ा था। इसके अलावा प्रतिमा का कोई अन्य अंग क्षतिग्रस्त नहीं किया। रविवार को भी अराजकतत्वों ने दाहिने हाथ को निशाना बनाया और उसे तोड़ दिया। बार-बार दाहिना हाथ ही तोड़े जाने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर दाहिना हाथ ही क्यों तोड़ा जा रहा है।
अराजकतत्व पुलिस के लिए बने चुनौती
बढ़रिया गांव में स्थित भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने के मामले में पुलिस ने पहली दिसंबर को ही अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। अभी पुलिस की जांच चल ही रही थी, लेकिन हफ्ते भर में ही प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर उसने पुलिस को खुली चुनौती दे दी।
जानिए क्या बोले पुलिस अधिकारी
एएसपी पश्चिमी नैपाल सिंह ने बताया कि किसी ने दोबारा प्रतिमा का दाहिना हाथ क्षतिग्रस्त कर दिया था। दूसरी प्रतिमा रखवा दी गई है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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