रायबरेली: हत्या में गवाह भाई की संदिग्ध हालात में मौत, परिजनों ने लगाया ये आरोप 

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तीन साल पहले बहन की हुई थी हत्या, करीब एक महीने पहले सड़क किनारे मिला था घायल

ऊंचाहार/रायबरेली, अमृत विचार। चचेरी बहन की तीन साल पहले हुई हत्या में चश्मदीद गवाह भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। करीब एक माह पहले वह सड़क के किनारे घायल अवस्था में मिला था, जिसका एम्स के इलाज चल रहा था। परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव चक पुरवा मजरे खरौली का है। गांव के रहने वाले अमर बहादुर यादव की बेटी पूनम की करीब तीन साल पहले हत्या हो गई थी। इस हत्याकांड में अमर बहादुर के भाई लल्लू प्रसाद का लड़का वीरेंद्र कुमार गवाह था। आरोप है कि हत्या में नामजद लोगों द्वारा कई बार वीरेंद्र को धमकी दी गई थी। उसे गवाही न देने के लिए भी चेतावनी दी जा रही थी। यही नहीं उसकी हत्या किए जाने की भी धमकी दी गई थी। 

बीते 26 नवंबर को इस हत्याकांड की तारीख थी, जिसमें गवाही देने के लिए वीरेंद्र घर से रायबरेली जा रहा था। लेकिन वह जिला मुख्यालय कचहरी नहीं पहुंचा। वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में क्षेत्र के चड़रई चौराहा के निकट मिला था। उसकी रीढ़ की हड्डी टूटी हुई थी। हाथ पैर में भी गंभीर चोट थी। इसकी सूचना के बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल गए। जिला अस्पताल से उसे ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां से परिजन उसे लेकर एम्स पहुंचे। एम्स में उसका इलाज चल रहा था। 

इस दौरान घटना को लेकर उसकी मां फूलमती ने कोतवाली में चार लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बीच बुधवार को वीरेंद्र की एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजन घटना को लेकर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। 

कोतवाल संजय कुमार ने बताया कि घटना के समय चड़रई चौराहा के पास स्थित टोल प्लाजा का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया था, जिसमें कोई साक्ष्य नहीं मिला है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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