बेटी के प्रेमी को पिता ने फंसाया, भला हो ssp हरिद्वार का बच गया निर्दोष छात्र

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अमित शर्मा, देहरादून: 'यह ब्लैंक चेक तुम्हारे सामने है, मेरी बेटी की जिंदगी से दूर होने की कीमत इसमें भर दो और हमेशा के लिए दफा हो जाओ'... ऐसे सीन-डायलॉग आपने रील लाइफ में जरूर देखे-सुने होंगे लेकिन हरिद्वार से रियल लाइफ में इससे अलग ऐसा मामला सामने आया कि बेटी के रास्ते से उसके प्रेमी को हटाने के लिए पिता ने चेक भरवाने का झंझट नहीं पाला और उसे चरस में जेल भिजवा दिया। एसएसपी ने पारदर्शिता से जांच कराई तो आरोपी निर्दोष निकला और मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे पहुंच गया। पुलिस बीएससी के इस छात्र को रिहा कराने के लिए न्यायालय से पत्राचार कर रही है।

मामला और यू टर्न

बीती 7 जनवरी को श्यामपुर पुलिस ने चेकिंग में हरिद्वार निवासी बीएससी के छात्र अजय को 171 ग्राम चरस के साथ एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। कई एंगल में पूछताछ में छात्र बार-बार खुद को साजिशन फंसाने की बात बोल रहा था। यह बात एसएसपी के संज्ञान में लायी गयी तो क्रॉस चेक में मामला संदिग्ध निकला। एसएसपी ने बताया कि, छात्र का पूरा करियर चरस रखने जैसे गंभीर अपराध के कारण तबाह हो सकता था, जिस कारण मामले की गंभीरता समझकर गहन छानबीन कराई गई तो वह वाकई में निर्दोष निकला। 

तीसरी आंख ने खोला राज

एसएसपी ने बताया कि, पुलिस टीम जांच करने छात्र के कॉलेज पहुंची थी तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सामने आया कि दो अज्ञात व्यक्ति छात्र की बाइक में कुछ छिपा रहे हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस ने श्यामपुर निवासी अनूप गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वही मास्टरमाइंड निकला। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अजय उसकी बेटी से प्रेम करता है, जो उसे पसंद नहीं था। अपने साथी की मदद से प्लान बनाकर उसने अजय की बाइक में पुड़िया में चरस रखी थी। 

 

श्यामपुर पुलिस ने समस्त साक्ष्य संकलित किए तो स्पष्ट हो गया कि बीएससी छात्र को साजिशन फंसाया गया था। मुख्य आरोपी अनूप को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। छात्र को जल्द से जल्द रिहा कराने के लिए न्यायालय से पत्राचार किया गया है। एसओ श्यामपुर नितेश शर्मा और टीम ने बेहतरीन काम किया है। -प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसएसपी, हरिद्वार

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